टैक्सपेयर्स ध्यान दें! ITR फॉर्म आ गए, अब सबसे बड़ा सवाल- कब और कैसे करें फाइल?

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग जल्द शुरू हो सकती है। सरकार ने सभी ITR फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं और इस बार प्रक्रिया समय से शुरू होने की उम्मीद है। जानिए नए नियम, फॉर्म में बदलाव और किन बातों का रखना होगा ध्यान।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 3 April 2026, 1:09 PM IST
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New Delhi: देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स हर साल एक ही सवाल से जूझते हैं। ITR फाइलिंग आखिर शुरू कब होगी? कभी नियमों के बदलाव तो कभी सिस्टम की धीमी चाल, लोगों को इंतज़ार की सज़ा देती रही है। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। सरकार ने समय से पहले ITR फॉर्म जारी कर दिए हैं और अब उम्मीद है कि अप्रैल से ही रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

ITR फाइलिंग इस महीने से हो सकती है शुरू

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म नोटिफाई हो चुके हैं, और अब जल्द ही फाइलिंग यूटिलिटीज़ भी एक्टिव हो जाएंगी। आमतौर पर टैक्स डिपार्टमेंट पहले फॉर्म जारी करता है और उसके बाद ऑफलाइन और ऑनलाइन यूटिलिटीज़ शुरू की जाती हैं। इस बार चूंकि फॉर्म पहले ही जारी कर दिए गए हैं, इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल महीने में ही ITR फाइलिंग शुरू हो सकती है।

नए कानून के बावजूद पुराना सिस्टम लागू

1 अप्रैल से नया Income Tax Act, 2025 लागू हो चुका है, जिसने 1961 के पुराने कानून की जगह ली है। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि इस साल का ITR अभी भी पुराने सिस्टम यानी Income-tax Act, 1961 के तहत ही भरा जाएगा, जिसमें Finance Act, 2026 के जरिए संशोधन किए गए हैं।

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ITR फाइल करने की आखिरी तारीख तय

इस साल भी ITR फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई रखी गई है। यानी टैक्सपेयर्स के पास लगभग चार महीने का समय होगा, लेकिन एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द रिटर्न फाइल करना बेहतर रहेगा।

फॉर्म में क्या बदला?

सरकार ने 30 मार्च को ITR-1 से लेकर ITR-7 तक सभी फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं। इसके साथ ITR-V और ITR-U भी जारी किए गए हैं, जिससे हर कैटेगरी के टैक्सपेयर्स के लिए क्लैरिटी आ गई है। सबसे बड़ा बदलाव ITR-1 (Sahaj) में किया गया है। अब इसमें दो हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम भी दिखाई जा सकती है, जो पहले संभव नहीं था। पहले ऐसे मामलों में टैक्सपेयर्स को ज्यादा जटिल फॉर्म भरने पड़ते थे।

कौन सा ITR फॉर्म किसके लिए?

ITR-2 उन लोगों के लिए है जिनकी इनकम सैलरी, एक से ज्यादा प्रॉपर्टी या कैपिटल गेन से आती है, लेकिन वे कोई बिज़नेस नहीं करते। ITR-3 बिज़नेस करने वालों और प्रोफेशनल्स के लिए है। ITR-4 (Sugam) छोटे व्यापारियों और प्रोफेशनल्स के लिए बनाया गया है, जो Presumptive Taxation Scheme अपनाते हैं और जिनकी इनकम 50 लाख रुपये तक है। इसके अलावा ITR-5, ITR-6 और ITR-7 खास तरह के संस्थानों, कंपनियों और ट्रस्ट्स के लिए होते हैं।

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ITR-V और ITR-U की अहम भूमिका

ITR-V उन मामलों में जरूरी होता है जहां रिटर्न ऑनलाइन वेरिफाई नहीं किया गया हो। ऐसे में 30 दिनों के भीतर इसे जमा करना जरूरी होता है, वरना रिटर्न अधूरा माना जाएगा। वहीं ITR-U (Updated Return) टैक्सपेयर्स को मौका देता है कि वे 48 महीनों के भीतर अपनी गलती सुधार सकें या छूटी हुई इनकम की जानकारी दे सकें। हालांकि, इसमें देरी के आधार पर अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 3 April 2026, 1:09 PM IST

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