ITR 2026-27 में बड़ा बदलाव! क्या आपकी जेब पर पड़ेगा असर या मिलेगा राहत का नया रास्ता? समझिये सबकुछ

इनकम टैक्स विभाग ने ITR 2026-27 के लिए नए फॉर्म जारी कर दिए हैं, लेकिन इस बार बदलाव सिर्फ फॉर्म तक सीमित नहीं हैं। कुछ नए नियम ऐसे हैं जो सीधे आपकी जेब और टैक्स प्लानिंग को प्रभावित कर सकते हैं। क्या ये बदलाव राहत देंगे या बढ़ाएंगे परेशानी?

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 1 April 2026, 8:53 AM IST
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New Delhi: इनकम टैक्स से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है, जिसने करोड़ों टैक्सपेयर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नए ITR फॉर्म जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही अपडेटेड ITR-U और ITR-V फॉर्म भी लागू कर दिए गए हैं।

ये बदलाव ऐसे समय पर आए हैं जब देश में नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 भी लागू होने जा रहा है, जो पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा।

ITR फाइल करने की आखिरी तारीख कब?

नए नियमों के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच हुई आय का रिटर्न इन नए फॉर्म्स के जरिए भरा जाएगा। व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई तय की गई है, बशर्ते उनके खातों का ऑडिट जरूरी न हो।

इस बार ITR-1 यानी ‘सहज’ फॉर्म में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब इसमें दो हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली आय को भी शामिल किया जा सकता है, जो पहले संभव नहीं था। इस बदलाव से उन लोगों को राहत मिलेगी जिनके पास एक से अधिक मकान हैं, क्योंकि अब उन्हें जटिल फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी।

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ITR-U के नियमों में हुआ संशोधन

वहीं, ITR-U को लेकर भी नियमों में अहम संशोधन किया गया है। यह फॉर्म उन टैक्सपेयर्स के लिए है जो अपनी पुरानी गलतियों को सुधारना चाहते हैं। अगर किसी ने समय पर रिटर्न फाइल नहीं किया या कोई आय बताना भूल गया, तो वह ITR-U के जरिए उसे अपडेट कर सकता है। खास बात यह है कि अब ITR-U फाइल करने की समय सीमा 2 साल से बढ़ाकर 4 साल कर दी गई है।

हालांकि, इस सुविधा के साथ एक शर्त भी जुड़ी है। देरी से अपडेटेड रिटर्न भरने पर अतिरिक्त टैक्स देना होगा, जो समय के हिसाब से बढ़ता जाता है। पहले साल 25%, दूसरे साल 50%, तीसरे साल 60% और चौथे साल 70% तक अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है।

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क्या है ITR-V फॉर्म?

ITR-V फॉर्म भी इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। यह एक तरह का वेरिफिकेशन डॉक्यूमेंट होता है, जो यह प्रमाणित करता है कि आपने अपना रिटर्न फाइल कर दिया है। इसे रिटर्न फाइल करने के 30 दिनों के भीतर जमा करना जरूरी होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर ITR फाइल करना न सिर्फ पेनल्टी से बचाता है, बल्कि रिफंड मिलने की प्रक्रिया भी तेज करता है। वहीं, देरी करने पर न केवल जुर्माना लगता है बल्कि प्रक्रिया भी जटिल हो जाती है।

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  • New Delhi

Published : 
  • 1 April 2026, 8:53 AM IST

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