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राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जनकपुर भी व्यथित (Img: Pinterest)
अयोध्या/जनकपुर: राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की गूंज अब भारत की सीमाओं से बाहर नेपाल के जनकपुर तक पहुंच गई है। माता सीता की जन्मस्थली माने जाने वाले जनकपुर स्थित श्री जानकी मंदिर के महंत रोशन दास ने इस घटना पर गहरा दुख और नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर में इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस बीच जनकपुर से श्रद्धालुओं का एक प्रतिनिधिमंडल अयोध्या भेजने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
जानकी मंदिर के महंत रोशन दास ने कहा कि अयोध्या में चढ़ावा चोरी की खबर मिलने के बाद पूरे जनकपुर में दुख और आक्रोश का माहौल है। उनके अनुसार भगवान श्रीराम के किसी भी मंदिर में इस प्रकार की घटना पहले कभी देखने या सुनने को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
महंत रोशन दास ने बताया कि जनवरी 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर जनकपुर से विशेष रूप से तैयार किए गए उपहार अयोध्या भेजे गए थे। लगभग 500 श्रद्धालु, 7 बसों और 40 स्कॉर्पियो वाहनों के काफिले के साथ अयोध्या पहुंचे थे।
जनकपुर से माता सीता के मायके की ओर से सोने-चांदी के आभूषण, सुहाग का सामान, पारंपरिक वस्त्र, चांदी के बर्तन, धनुष, तीर, पान-सुपारी और अन्य धार्मिक सामग्री भेंट की गई थी। इन उपहारों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी काफी बड़ा माना जाता है।
महंत रोशन दास ने बताया कि जनकपुर से सात लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द अयोध्या जाएगा। यह दल राम मंदिर में दर्शन करेगा, वहां की स्थिति की जानकारी लेगा और मंदिर से जुड़े संतों एवं ट्रस्ट के पदाधिकारियों से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य श्रद्धालुओं की भावनाएं साझा करना और सांत्वना प्रकट करना बताया गया है।
जनकपुर के मेयर मनीष शाह ने बताया कि उन्होंने अयोध्या के संबंधित लोगों से फोन पर बातचीत की है। उन्हें जानकारी दी गई है कि जनकपुर से भेजे गए धार्मिक उपहार और सामग्री सुरक्षित हैं तथा संग्रहालय में संरक्षित रखी गई हैं। इससे जनकपुर के श्रद्धालुओं को कुछ राहत मिली है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंदिर में कार्यरत लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सभी संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जाए।
Location : Ayodhya
Published : 10 July 2026, 11:57 AM IST
Topics : Ayodhya Janakpur Ram Mandir