68 लाख की जांच में खुला 35 करोड़ का खजाना! रिटायर्ड ARTO के घर से निकला नोटों और सोने का अंबार

उत्तर प्रदेश विजिलेंस ने रिटायर्ड ARTO ललित कुमार के घर से करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की है। 2020 में 68.66 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू हुई थी। अब नकदी, सोना, चांदी, अचल संपत्तियों और निवेश की जांच में आयकर विभाग भी शामिल होगा।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 10 July 2026, 10:50 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश विजिलेंस विभाग ने रिटायर्ड असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (ARTO) ललित कुमार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा किया है। हैरानी की बात यह है कि जिस जांच की शुरुआत वर्ष 2020 में मात्र 68.66 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति के आरोप से हुई थी, वही जांच अब करोड़ों की कथित अवैध संपत्ति तक पहुंच गई है। बरामदगी के बाद अब आयकर विभाग भी पूरे मामले की जांच करेगा।

68 लाख की शिकायत बनी करोड़ों के खुलासे की वजह

मामले की शुरुआत तब हुई जब ट्रांसपोर्ट विभाग में इंस्पेक्टर (टेक्निकल) के पद पर तैनात ललित कुमार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे। जांच में सामने आया कि जांच अवधि के दौरान उनकी वैध आय 93.26 लाख रुपये थी, जबकि उन्होंने 1.61 करोड़ रुपये खर्च किए। यानी उनकी आय से 68.66 लाख रुपये अधिक खर्च पाए गए, जो उनकी घोषित आय से करीब 73.6 प्रतिशत ज्यादा था।

जांच के बीच मिला प्रमोशन, फिर विजिलेंस ने संभाली कमान

प्रारंभिक जांच के दौरान ललित कुमार संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। इस बीच उन्हें प्रमोशन देकर असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (एनफोर्समेंट) बनाया गया। बाद में नवंबर 2025 में यह मामला एंटी करप्शन संगठन से विजिलेंस विभाग को सौंप दिया गया।

छापे में मिला नकदी, सोना और करोड़ों की संपत्ति

विजिलेंस की तलाशी में लखनऊ के अलीगंज स्थित मकान से 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलो सोना और 9 किलो चांदी बरामद हुई। सोना-चांदी की अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली में स्थित 15 अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले, जिनकी कीमत करीब 13 करोड़ रुपये आंकी गई है।

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बैंक, म्यूचुअल फंड और एफडी में भी निवेश

जांच में यह भी सामने आया कि ललित कुमार ने बैंक खातों, पोस्ट ऑफिस योजनाओं, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में एक करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रखा था। उनके पास दो लग्जरी कारें, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर और कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं।

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अब आयकर विभाग करेगा पैसों के स्रोत की जांच

विजिलेंस विभाग ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पूरे मामले की जानकारी आयकर विभाग को भेजी जाएगी। अदालत में तलाशी रिपोर्ट पेश करने के बाद जब्त नकदी, गहने और दस्तावेज न्यायिक अभिरक्षा में रखे जाएंगे। इसके बाद आयकर विभाग संपत्ति के स्रोत, टैक्स अनुपालन और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच करेगा।

Location :  Lucknow

Published :  10 July 2026, 10:50 AM IST

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