देवरिया रोडवेज की बदहाली से यात्री परेशान, सुबह लखनऊ के लिए नहीं मिलती कोई सरकारी बस, मची हाय-तौबा

देवरिया रोडवेज की लापरवाही से सुबह 4 से 7 बजे के बीच लखनऊ के लिए कोई सरकारी बस न मिलने से मरीज और कामकाजी लोग परेशान हैं। डिपो में 200 से ज्यादा बसें होने के बाद भी सुचारू संचालन ठप है, जिसका सीधा फायदा निजी बस ऑपरेटर मनमाना किराया वसूल कर उठा रहे हैं।

Updated : 10 July 2026, 10:29 AM IST
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Deoria: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के दावों और हकीकत में कितना बड़ा फासला है, इसका जीता-जागता उदाहरण इन दिनों देवरिया डिपो में देखने को मिल रहा है। देवरिया रोडवेज की बदहाल और सुस्त कार्यप्रणाली का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति सुबह के समय देखने को मिलती है, जब यात्रियों को सबसे ज्यादा बसों की जरूरत होती है।

सुबह 4 से 7 बजे के बीच कोई सरकारी बस नहीं

देवरिया से राजधानी लखनऊ जाने वाले यात्रियों के लिए सुबह का समय किसी मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से कम नहीं है। यात्रियों का सीधा आरोप है कि सुबह 4:00 बजे से लेकर 7:00 बजे के बीच देवरिया डिपो से लखनऊ के लिए कोई भी नियमित सरकारी बस उपलब्ध नहीं रहती। ऑनलाइन समय-सारिणी (टाइम टेबल) पर नजर डालें तो इस मार्ग पर पहली यूपीएसआरटीसी बस सुबह लगभग 6:17 बजे दिखाई देती है, लेकिन धरातल पर तड़के जाने वाले यात्रियों के लिए रोडवेज पूरी तरह नदारद है।

इलाज और अदालती कार्यों के लिए जाने वाले मरीज-वकील हो रहे परेशान

इस बदहाल व्यवस्था के कारण लखनऊ के बड़े अस्पतालों जैसे पी.जी.आई. (PGI), के.जी.एम.यू. (KGMU), और राम मनोहर लोहिया संस्थान में इलाज कराने जाने वाले गंभीर मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, हाईकोर्ट लखनऊ में मुकदमों की पैरवी के लिए जाने वाले वादियों, नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों के महत्वपूर्ण कार्य समय पर बस न मिलने के कारण छूट रहे हैं।

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क्या पहले व्यवस्था बेहतर थी?

यात्रियों के अनुसार, कुछ समय पहले तक देवरिया से चारबाग (लखनऊ) के लिए भोर में ठीक 5:00 बजे एक सरकारी बस चलती थी। इस बस से यात्री समय पर लखनऊ पहुँच जाते थे और उनके सारे काम सुचारू रूप से हो जाते थे। लेकिन रोडवेज प्रशासन ने बिना जनता की सहूलियत का ध्यान रखे इस व्यवस्था को बदल दिया, जिससे मुश्किलें बढ़ गईं।

कागजों पर भारी-भरकम अमला, फिर भी संचालन में 'ब्रेकर'

हैरानी की बात यह है कि देवरिया डिपो संसाधनों के मामले में कमजोर नहीं है। आंकड़ों के लिहाज से डिपो की स्थिति मजबूत दिखती है-

संसाधन का प्रकार कुल संख्या (लगभग)
निगम की अपनी बसें 86
अनुबंधित बसें 140
प्राइवेट (संबद्ध) बसें 12
निगम के नियमित परिचालक 35
संविदा परिचालक 200
कुल चालक (नियमित व संविदा) 70 से 80

इतना ही नहीं, आवश्यकता पड़ने पर देवरिया डिपो के ए.आर.एम. कपिल देव प्रसाद द्वारा समय-समय पर संविदा चालकों की नई भर्तियां भी कराई जाती हैं। इसके बावजूद बसों का संचालन सुचारू रूप से न होना यह साबित करता है कि मैनेजमेंट के स्तर पर कहीं न कहीं कोई बड़ा 'ब्रेकर' या झोल है।

क्या निजी ऑपरेटरों को दिया जा रहा अप्रत्यक्ष लाभ?

स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार देवरिया डिपो के जिम्मेदार अधिकारियों—संचालन प्रभारी दीनानाथ मिश्रा और ए.आर.एम. कपिल देव प्रसाद को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। उच्चाधिकारियों को बार-बार भेजी गई शिकायतों के बाद भी विभाग पूरी तरह मौन साधे बैठा है।

अब यात्रियों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि रोडवेज विभाग की यह उदासीनता कहीं निजी बस संचालकों को अप्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने की सोची-समझी रणनीति तो नहीं है? क्योंकि जब सरकारी बसें डिपो में खड़ी रहेंगी, तो निजी बसों का दबदबा बढ़ना स्वाभाविक है।

मजबूरी का फायदा उठा रहे निजी ऑपरेटर

सरकारी दावों की हवा निकालते हुए देवरिया सिविल लाइन स्थित शिव मंदिर के पास का नजारा सब कुछ बयां कर देता है। जहाँ सुबह 4:00 बजे से 7:00 बजे के बीच सरकारी बसें नहीं मिलतीं, वहीं इसी दौरान निजी लग्जरी बसों का संचालन धड़ल्ले से और बेहद तेजी से हो रहा है। मजबूरन, समय पर लखनऊ पहुँचने के लिए यात्रियों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है और वे निजी बसों को भारी-भरकम व मनमाना किराया देने को विवश हैं। इससे आम जनता को शारीरिक कष्ट के साथ-साथ भारी आर्थिक क्षति भी हो रही है।

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जनता की मांग: तत्काल बहाल हो भोर की बस सेवा

परेशान यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने परिवहन निगम के आला अधिकारियों से मांग की है कि देवरिया से लखनऊ मार्ग पर सुबह 4:00 से 7:00 बजे के बीच नियमित सरकारी रोडवेज बस सेवा को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए। यात्रियों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में आम जनता को राहत देना चाहती है और निजी परिवहन माफियाओं के एकाधिकार को खत्म करना चाहती है, तो उसे देवरिया डिपो की इस बदइंतजामी पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेना होगा।

Location :  Deoria

Published :  10 July 2026, 10:29 AM IST

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