डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस ने मोरक्को को हराकर कटाया सेमीफाइनल का टिकट, ‘गोल्डन बूट’ की रेस में चमके एम्बाप्पे

फीफा वर्ल्ड कप के हाई-प्रोफाइल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में प्रवेश किया। मैच में किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेले ने शानदार गोल दागे। इस गोल के साथ ही एम्बाप्पे ने टूर्नामेंट में मेसी के 8 गोल की बराबरी कर ली।

Updated : 10 July 2026, 10:08 AM IST
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New Delhi: डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस ने फीफा वर्ल्ड कप में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए एक बार फिर सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है। बोस्टन स्टेडियम में खेले गए एक बेहद रोमांचक और हाई-प्रोफाइल क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से करारी शिकस्त दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही फ्रांसीसी टीम ने लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर अपनी बादशाहत साबित की है। फ्रांस की इस धमाकेदार जीत के सूत्रधार स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेले रहे, जिनके शानदार खेल के आगे मोरक्को की टीम पूरी तरह बेबस नजर आई।

शुरुआती दबदबा: फ्रांसीसी आक्रमण के आगे लाचार दिखा मोरक्को

मैच की सीटी बजने के साथ ही 2018 की विश्व विजेता टीम फ्रांस ने आक्रामक रुख अपना लिया। किलियन एम्बाप्पे, उस्मान डेम्बेले और माइकल ओलिस की खतरनाक फॉरवर्ड त्रिमूर्ति ने मोरक्को के डिफेंस को शुरुआत से ही दबाव में रखा। दुनिया की सातवें नंबर की टीम मोरक्को को मैच से पहले ही एक बड़ा झटका लगा था, जब उनके स्टार खिलाड़ी इस्माइल सैबारी हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण इस महत्वपूर्ण मुकाबले से बाहर हो गए। सैबारी की अनुपस्थिति का असर मोरक्को के आक्रमण पर साफ दिखाई दिया। अग्रिम पंक्ति में अकेले संघर्ष कर रहे स्ट्राइकर ब्राहिम डियाज़ को मिडफील्ड और सह-खिलाड़ियों से कोई खास सहयोग नहीं मिल सका।

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फ्रांस का डिफेंस इस मैच में इतना मजबूत था कि उनके गोलकीपर माइक मैगनन को पूरे खेल के दौरान सिर्फ एक बार ही गेंद को रोकने (Save) के लिए मेहनत करनी पड़ी। इससे यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि फ्रांसीसी डिफेंडर दायोट उपामेकानो और विलियम सालिबा के लिए मोरक्को के स्ट्राइकर्स को रोकना कितना आसान साबित हुआ।

पहला हाफ: पेनल्टी चूके एम्बाप्पे, किस्मत ने भी दिया मोरक्को का साथ

मैच के 28वें मिनट में फ्रांस के पास बढ़त बनाने का एक स्वर्णिम अवसर आया, जब रेफरी ने उनके पक्ष में पेनल्टी का फैसला सुनाया। स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने शॉट लिया, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर बोनो ने गजब के संयम और फुर्ती का प्रदर्शन किया। बोनो ने सही दिशा का अनुमान लगाते हुए एम्बाप्पे के निचले शॉट को शानदार तरीके से रोक दिया। यूरो 2020 के बाद राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हुए एम्बाप्पे की यह पहली पेनल्टी चूक थी।

इसके बाद पहले हाफ के अंतिम पलों (स्टॉपेज टाइम) में फ्रांस की किस्मत ने भी साथ नहीं दिया। लुकास डिग्ने ने लगभग 30 मीटर की दूरी से एक बेहद शक्तिशाली शॉट जमाया, जो मोरक्को के गोलकीपर को छकाते हुए सीधे क्रॉसबार से जा टकराया। पहले हाफ की समाप्ति तक मोरक्को की टीम फ्रांसीसी पाले में घुसने के लिए लगातार संघर्ष करती रही और वे टारगेट पर एक भी शॉट लगाने में नाकाम रहे।

दूसरा हाफ: एम्बाप्पे और डेम्बेले का डबल अटैक, मेसी की बराबरी

दूसरे हाफ में फ्रांसीसी टीम अलग ही इरादे से मैदान पर उतरी और उन्होंने खेल की रफ्तार को काफी तेज कर दिया। मैच के 60वें मिनट में किलियन एम्बाप्पे ने अपनी पहली हाफ की पेनल्टी चूक का हिसाब चुकता किया। उन्होंने विपक्षी डिफेंडर्स को तेजी से छकते हुए एक बेहतरीन और सटीक फिनिश के जरिए गेंद को नेट में डाल दिया और फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के साथ ही टूर्नामेंट में एम्बाप्पे के कुल 8 गोल हो गए हैं, जिससे उन्होंने 'गोल्डन बूट' की दौड़ में दिग्गज लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली है।

मोरक्को की टीम अभी इस पहले गोल के सदमे से उबर भी नहीं पाई थी कि फ्रांस ने दूसरा घातक प्रहार कर दिया। बैलोन डी'ओर विजेता उस्मान डेम्बेले ने मैदान पर बने खाली स्पेस का पूरा फायदा उठाया, जो एम्बाप्पे की तेज दौड़ के कारण मोरक्कन डिफेंस में पैदा हुआ था। डेम्बेले ने बिना कोई गलती किए शानदार गोल दागकर स्कोर को 2-0 कर दिया। यह इस वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में डेम्बेले का 5वां गोल था।

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सेमीफाइनल का रास्ता साफ: विरोधियों की उड़ी नींद

इस शानदार जीत के साथ डिडिएर डेसचैम्प्स की कोचिंग वाली फ्रांसीसी टीम अब बेहद मजबूत और अजेय नजर आ रही है। लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के बाद अब फ्रांस का सामना स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले क्वार्टर-फाइनल मैच के विजेता से होगा। फ्रांस जिस मौजूदा फॉर्म में चल रही है, उसे देखते हुए उनके कोच को आगामी प्रतिद्वंद्वी की ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। इसके उलट, अब विरोधी टीमें ही होंगी जिनकी रातों की नींद फ्रांस की इस बेहद खतरनाक और आक्रामक तिकड़ी को रोकने की रणनीति बनाने में उड़ जाएगी।

Location :  New Delhi

Published :  10 July 2026, 10:08 AM IST

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