अयोध्या राम मंदिर में महा-एक्शन: चंपत राय समेत 3 दिग्गजों पर गिरी नई गाज, अब नहीं कर पाएंगे ये बड़ा काम

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रस्ट ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की VIP दर्शन पास जारी करने वाली सिस्टम ID निष्क्रिय कर दी है। अब महंत दिनेंद्र दास संभालेंगे कमान और जल्द ही नए CEO की नियुक्ति होगी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 10 July 2026, 9:02 AM IST
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Ayodhya: भव्य राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले के बाद अब ताबड़तोड़ एक्शन का दौर शुरू हो गया है। एसआईटी (SIT) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नित नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस महा-विवाद के सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बेहद अहम सदस्य चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिकता के आधार पर अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया था, जिसे ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकार भी कर लिया गया है।

लेकिन कार्रवाई यहीं नहीं रुकी; अब चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर ट्रस्ट ने एक और बड़ी गाज गिराई है और उनके एक बेहद महत्वपूर्ण अधिकार को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।

चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की सिस्टम ID ब्लॉक

दरअसल, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने एक कड़ा फैसला लेते हुए चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की वीआईपी (VIP) और सुगम दर्शन पास जारी करने वाली डिजिटल सिस्टम आईडी को पूरी तरह से निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया है। जांच में यह बात सामने आई थी कि मंदिर परिसर से इन्हीं तीनों विशिष्ट आईडी का उपयोग करके सबसे अधिक संख्या में वीआईपी पास जारी किए जा रहे थे।

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चढ़ावा चोरी का मुख्य मामला उजागर होने के बाद मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्थाओं में हो रही कई अन्य गंभीर लापरवाहियां भी एक-एक कर सामने आने लगी थीं, जिसके बाद इस डिजिटल तालाबंदी को अंजाम दिया गया है।

राम मंदिर में अब लागू होगी नई सुरक्षित प्रबंधन व्यवस्था

इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब अयोध्या राम मंदिर के प्रबंधन को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त और फूलप्रूफ बनाने के लिए एक नई और बेहद सुरक्षित व्यवस्था लागू की जा रही है। ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, मंदिर के दैनिक कार्य और वित्तीय पारदर्शिता को संभालने के लिए जल्द ही एक नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जाएगी।

इस बीच, राम मंदिर के प्रमुख ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास का संगठनात्मक अधिकार बढ़ा दिया गया है। ट्रस्ट ने उनके नाम से एक नई आधिकारिक सिस्टम आईडी जनरेट की है, जिसके जरिए अब आगे से दर्शन पास सुरक्षित तरीके से जारी किए जा सकेंगे।

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क्या हैं सुगम और विशिष्ट दर्शन पास, क्यों हुआ एक्शन?

आपको बता दें कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो प्रकार के विशेष पास जारी किए जाते हैं- पहला 'सुगम दर्शन पास' और दूसरा 'विशिष्ट दर्शन पास'। इन पासों को डिजिटल रूप से जारी करने के लिए ट्रस्टियों और अधिकृत बड़े पदाधिकारियों के नाम से सिस्टम में अलग-अलग सीक्रेट आईडी बनाई गई थीं।

'विशिष्ट दर्शन पास' धारकों को बिना किसी कतार में लगे सीधे रामलला के बिल्कुल करीब से दर्शन करने की अनुमति होती थी। वैसे तो यह व्यवस्था केवल अति-विशिष्ट (VVIP) मेहमानों के लिए तय की गई थी, परंतु रसूख और पैरवी के आधार पर कई सामान्य लोग भी लगातार इसका अनुचित लाभ उठा रहे थे, जिस पर अब पूरी तरह से लगाम कस दी गई है।

Location :  Ayodhya

Published :  10 July 2026, 9:02 AM IST

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