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वैभव सूर्यवंशी (Img: Google)
New Delhi: क्रिकेट की दुनिया में इन दिनों 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का नाम हर किसी की जुबान पर है। कम उम्र में जिस तरह उन्होंने मैदान पर अपने बल्ले से धमाल मचाया, उसने उन्हें देश के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन, रिकॉर्ड छक्के और लगातार मिल रहे विज्ञापन अनुबंधों ने वैभव को करोड़ों रुपये की कमाई करने वाले युवा सितारों की सूची में पहुंचा दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वैभव सूर्यवंशी की अनुमानित नेटवर्थ करीब 7 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। लेकिन उनकी कमाई जितनी चर्चा में है, उससे कहीं ज्यादा लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि क्या 18 साल से कम उम्र का कोई खिलाड़ी भी इनकम टैक्स देता है? और अगर देता है तो उसके लिए नियम क्या हैं?
भारत में आयकर कानून के तहत नाबालिगों की आय को लेकर विशेष प्रावधान बनाए गए हैं। आमतौर पर किसी नाबालिग की आय को उसके माता-पिता की आय के साथ जोड़ा जाता है। इसे क्लबिंग ऑफ इनकम कहा जाता है। अगर किसी बच्चे के नाम पर बैंक ब्याज, एफडी, निवेश या अन्य स्रोतों से आय होती है, तो वह आय उस माता या पिता की कुल आय में जोड़ी जाती है जिसकी कमाई अधिक होती है। ऐसे मामलों में टैक्स का भुगतान भी अभिभावक को ही करना पड़ता है।
हालांकि कानून में इसके लिए कुछ अपवाद भी निर्धारित किए गए हैं।
वैभव सूर्यवंशी की कमाई सामान्य निवेश या ब्याज से नहीं बल्कि उनकी क्रिकेट प्रतिभा, खेल कौशल और व्यक्तिगत मेहनत से हुई है। आयकर कानून के अनुसार अगर कोई नाबालिग अपनी विशेष प्रतिभा, हुनर, तकनीकी ज्ञान, कला, खेल या व्यक्तिगत श्रम के आधार पर आय अर्जित करता है, तो वह आय माता-पिता की आय में नहीं जोड़ी जाती।
यानी वैभव की आईपीएल फीस, मैच से मिलने वाली रकम, ब्रांड एंडोर्समेंट और अन्य व्यावसायिक आय सीधे उनके नाम पर ही टैक्स योग्य मानी जाएगी।
कर विशेषज्ञों के अनुसार खेल और विज्ञापन से होने वाली कमाई को आमतौर पर प्रोफेशनल इनकम या बिजनेस इनकम की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे मामलों में आयकर की गणना सामान्य टैक्स स्लैब के आधार पर की जाती है। अगर किसी व्यक्ति की आय उच्च टैक्स स्लैब में आती है तो उस पर 30 प्रतिशत तक टैक्स देय हो सकता है। हालांकि अंतिम टैक्स देनदारी विभिन्न कटौतियों, निवेशों और वित्तीय योजनाओं पर भी निर्भर करती है।
चूंकि 18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति कानूनी रूप से कई वित्तीय प्रक्रियाएं स्वयं पूरी नहीं कर सकता, इसलिए उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक प्रतिनिधि असेसी (Representative Assessee) के रूप में उसकी ओर से आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं। इसका मतलब है कि वैभव सूर्यवंशी की आय का रिटर्न भी उनके अभिभावकों की निगरानी में दाखिल किया जाएगा, लेकिन आय उनकी व्यक्तिगत आय ही मानी जाएगी।
Location : New Delhi
Published : 5 June 2026, 4:13 PM IST