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आंखें हुई नम, मेसी का भावुक चेहरा और फीफा से विदाई (सोर्स-एक्स)
New Delhi: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताबी मुकाबला फुटबॉल इतिहास के सबसे भावुक और रोमांचक मैचों में दर्ज हो गया है। स्पेन ने एक कड़े मुकाबले में अर्जेंटीना को 1-0 से मात देकर विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। करोड़ों फैंस को उम्मीद थी कि लियोनेल मेसी अपनी कप्तानी में देश को लगातार दूसरी बार वर्ल्ड चैम्पियन बनाएंगे, लेकिन यह सपना अधूरा रह गया। मैच खत्म होने के बाद मैदान पर मेसी की नम आंखें इस बात की गवाही दे रही थीं कि एक महान युग का अंत बेहद दर्दनाक रहा।
फाइनल मुकाबले में दोनों ही टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। 90 मिनट के नियमित समय और फिर एक्स्ट्रा टाइम के शुरुआती पलों तक मुकाबला 0-0 से बराबर चल रहा था। 105 मिनट तक अर्जेंटीना और स्पेन की रक्षापंक्ति ने विरोधी खिलाड़ियों को कोई मौका नहीं दिया। हालांकि, 106वें मिनट में मैच का पासा पलट गया। स्पेन के स्टार खिलाड़ी फेरन टोरेस ने अर्जेंटीना के डिफेंस को भेदते हुए एक शानदार गोल दाग दिया। यही एक गोल आखिरकार निर्णायक साबित हुआ और स्पेन विश्व विजेता बन गया।
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इस दर्दनाक हार के बाद अब अर्जेंटीना फुटबॉल जगत में कई कड़े सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल टीम में एज फैक्टर (उम्र) और पुराने खिलाड़ियों पर अत्यधिक निर्भरता को लेकर है। अपना छठा वर्ल्ड कप खेल रहे लियोनेल मेसी ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल के सबसे अहम मौकों पर वह गोल करने में सफल नहीं हो सके। इसी तरह निकोलस ओटामेंडी और निकोलस टगलियाफिको जैसे अनुभवी डिफेंडर भी एक्स्ट्रा टाइम में स्पेनिश आक्रमण को रोकने में नाकाम रहे।
हार की जिम्मेदारी से अर्जेंटीना का टीम मैनेजमेंट भी बच नहीं सकता है। साल 2022 वर्ल्ड कप और 2024 कोपा अमेरिका की जीत के खुमार में मैनेजमेंट ने पुराने स्क्वाड पर जरूरत से ज्यादा भरोसा जताया। 34 वर्षीय बैकअप गोलकीपर गेरोनिमो रुली और अन्य सीनियर खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखने के कारण नए और युवा खिलाड़ियों को सही समय पर तैयार नहीं किया जा सका। स्पेन की युवा ऊर्जा के सामने अर्जेंटीना का यह अनुभवी लेकिन ढलती उम्र वाला स्क्वाड पस्त होता नजर आया।
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स्पेन के खिलाफ मिली यह शिकस्त अर्जेंटीना के लिए बेहद निराशाजनक है, लेकिन यह भविष्य के लिए एक बड़ा सबक भी है। मेसी, ओटामेंडी, टगलियाफिको और रुली जैसे दिग्गजों ने देश को लंबे समय तक गौरवान्वित किया है, लेकिन अब उनका अंतरराष्ट्रीय करियर अपने अंतिम पड़ाव पर है। अब अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन को बीती बातों से सीख लेकर साल 2030 के विश्व कप पर ध्यान देना होगा। मेसी के बिना एक नई, ऊर्जावान और मजबूत युवा टीम तैयार करने की प्रक्रिया अर्जेंटीना को आज से ही शुरू करनी होगी।
Location : New Delhi
Published : 20 July 2026, 2:40 PM IST