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मेसी ने संन्यास की घोषणा की (IMG: X- Messi)
New Delhi: फुटबॉल की दुनिया से सोमवार को ऐसी खबर आई, जिसने करोड़ों फैंस को भावुक कर दिया। अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने आखिरकार अपनी राष्ट्रीय टीम के सफर पर विराम लगा दिया है। 39 साल के मेसी ने अर्जेंटीना की जर्सी को अलविदा कहते हुए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी और कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन अब उन्हें लगता है कि यही सही समय है।
मेसी ने बताया कि उन्होंने 2026 वर्ल्ड कप के फाइनल में स्पेन के हाथों अर्जेंटीना की हार के दो दिन बाद ही इस फैसले को लिख लिया था। हालांकि उन्होंने इसे तुरंत सार्वजनिक नहीं किया। पिता जॉर्ज मेसी के निधन के बाद यह फैसला उनके लिए और भी स्पष्ट हो गया।
मेसी ने अपने संदेश में बताया कि 2026 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद उन्होंने काफी सोच-विचार किया। अर्जेंटीना को स्पेन के खिलाफ फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। इसके ठीक दो दिन बाद यानी 21 जुलाई को मेसी ने अपना विदाई संदेश लिख लिया था। उन्होंने कहा कि उस वक्त ही उन्हें महसूस होने लगा था कि राष्ट्रीय टीम के साथ उनका अध्याय अब समाप्ति की ओर है। हालांकि पिता के निधन के बाद उन्होंने इस फैसले पर दोबारा विचार किया और अब उन्हें पहले से ज्यादा यकीन है कि यही सही समय है। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष क्लाउडियो तापिया ने भी कुछ सप्ताह पहले कहा था कि मेसी के भविष्य का फैसला पूरी तरह उन्हीं का होगा और उन पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जाएगा।
मेसी ने अपने विदाई संदेश में माना कि राष्ट्रीय टीम छोड़ने का फैसला उनके लिए बेहद दर्दनाक है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से उन्हें दुख हुआ और अब भी होता है, लेकिन उन्हें लगता है कि यही सही समय है। मेसी ने कहा कि उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी के लिए हमेशा अपना सब कुछ दिया। यह सिर्फ उन वर्षों की बात नहीं है जब अर्जेंटीना ने बड़े खिताब जीते, बल्कि उससे पहले के मुश्किल दौर में भी उन्होंने टीम के लिए पूरी ताकत से संघर्ष किया। उनके लिए अर्जेंटीना की जर्सी सिर्फ एक फुटबॉल किट नहीं थी। यह उनके देश, उनकी पहचान और करोड़ों फैंस की भावनाओं से जुड़ी हुई थी।
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मेसी ने अपने संदेश में कहा कि अब उनके लिए यह अध्याय बंद करने का वक्त आ गया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहना उन्हें हमेशा पसंद रहा और आगे भी वह इस टीम से भावनात्मक रूप से जुड़े रहेंगे। लेकिन अब वह मानते हैं कि उनके पास टीम को देने के लिए कुछ नहीं बचा है। मेसी ने साथ ही अर्जेंटीना की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और वे अपने मौके के हकदार हैं।
मेसी का अंतरराष्ट्रीय करियर करीब दो दशक लंबा रहा। उन्होंने 2005 में अर्जेंटीना की सीनियर टीम के लिए अपना सफर शुरू किया था और इसके बाद लगातार टीम का सबसे बड़ा चेहरा बने रहे। इस सफर में उन्हें आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा और कई बार बड़े मुकाबलों में हार का दर्द भी झेलना पड़ा। लेकिन धीरे-धीरे मेसी ने उन तमाम सवालों का जवाब मैदान पर दिया।
अर्जेंटीना के साथ उन्होंने 2021 और 2024 में कोपा अमेरिका का खिताब जीता। इसके बाद 2022 में कतर वर्ल्ड कप जीतकर उन्होंने वह सपना भी पूरा कर लिया, जिसका इंतजार उनके देश के फैंस लंबे समय से कर रहे थे। 2026 वर्ल्ड कप में भी वह अर्जेंटीना को फाइनल तक लेकर गए, हालांकि टीम स्पेन के खिलाफ खिताबी मुकाबला हार गई।
मेसी के संन्यास के फैसले के पीछे उनके पिता जॉर्ज मेसी का निधन भी एक भावनात्मक वजह बनकर सामने आया। जॉर्ज मेसी लंबे समय तक उनके पिता के साथ-साथ उनके करियर के बेहद अहम व्यक्ति रहे थे। अगस्त में पिता के निधन के बाद मेसी ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक संदेश लिखा था। उस समय उन्होंने अपने फुटबॉल करियर को लेकर भी अनिश्चितता जाहिर की थी और कहा था कि उन्हें नहीं पता कि वह कितने लंबे समय तक और खेल पाएंगे।
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मेसी ने कहा कि वह अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम से दूर जरूर होंगे, लेकिन उसका समर्थन कभी खत्म नहीं होगा। अब वह स्टेडियम के अंदर से अपनी टीम के लिए आवाज लगाने के बजाय बाहर से एक आम प्रशंसक की तरह अर्जेंटीना का हौसला बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि अच्छे समय में तो हर कोई साथ होता है, लेकिन मुश्किल वक्त में वह टीम के साथ और ज्यादा मजबूती से खड़े रहेंगे। मेसी ने अपने परिवार, कोच, टीम के साथियों और अधिकारियों का भी शुक्रिया अदा किया।
अपने संदेश के आखिर में मेसी ने बेहद भावुक अंदाज में अर्जेंटीना को याद किया। उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा किया कि उन्हें अर्जेंटीना का बनाया गया। इसके बाद उन्होंने अपने देश के नाम संदेश देते हुए कहा कि अब वह बाहर से टीम का समर्थन करेंगे। मेसी का यह फैसला सिर्फ एक खिलाड़ी का संन्यास नहीं है, बल्कि अर्जेंटीना फुटबॉल के एक पूरे युग का अंत है। जिस खिलाड़ी ने हार से लेकर विश्व कप जीत तक का सफर देखा, जिसने आलोचनाओं के बीच खुद को साबित किया और जिसने अर्जेंटीना को फुटबॉल की दुनिया में सबसे ऊंची जगहों तक पहुंचाया, अब वही खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम की जर्सी में मैदान पर नजर नहीं आएगा।
20 साल के इस सफर का अंत भले ही भावुक है, लेकिन मेसी अपने पीछे ऐसी विरासत छोड़कर जा रहे हैं, जिसे अर्जेंटीना ही नहीं, पूरी फुटबॉल दुनिया लंबे समय तक याद रखेगी।
Location : New Delhi
Published : 31 August 2026, 8:59 PM IST