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ब्राजील-उरुग्वे से भिड़ंत पर उत्साहित छेत्री (Img- Pinterest)
New Delhi: भारतीय फुटबॉल टीम के लिए सितंबर-अक्टूबर का अंतरराष्ट्रीय विंडो बेहद खास होने वाला है। टीम इंडिया को विश्व फुटबॉल की दिग्गज टीमों ब्राजील और उरुग्वे के खिलाफ खेलने का ऐतिहासिक अवसर मिलने जा रहा है। भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज फुटबॉलर Sunil Chhetri भी इन मुकाबलों को लेकर काफी उत्साहित हैं।
हालांकि, छेत्री ने मजाकिया अंदाज में स्वीकार किया कि मौजूदा भारतीय खिलाड़ियों को इतना बड़ा अवसर मिलता देखकर उन्हें थोड़ी ईर्ष्या भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अपने लंबे पेशेवर और अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्हें कभी ब्राजील या उरुग्वे जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिला।
सुनील छेत्री ने कहा कि अब वह भारतीय टीम को एक प्रशंसक और दर्शक के तौर पर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि 24 से 26 साल के पेशेवर करियर और करीब 20 साल के राष्ट्रीय टीम सफर के दौरान उन्हें इस स्तर की टीमों के खिलाफ खेलने का अवसर नहीं मिला।
छेत्री का मानना है कि मौजूदा पीढ़ी के भारतीय खिलाड़ियों के लिए ब्राजील और उरुग्वे के खिलाफ खेलना खुद को विश्व स्तर पर परखने का बड़ा मौका है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से इस अवसर का भरपूर फायदा उठाने की अपील की है।
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भारतीय फुटबॉल टीम का यह विशेष अंतरराष्ट्रीय अभियान पनामा के खिलाफ मुकाबले से शुरू होगा। भारत और पनामा के बीच मैच 26 सितंबर को बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में खेला जाना है।
इसके बाद टीम इंडिया 3 अक्टूबर को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन, यानी साल्ट लेक स्टेडियम में पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील का सामना करेगी। इसके तीन दिन बाद 6 अक्टूबर को इसी मैदान पर भारत का मुकाबला दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे से होगा।
पूर्व भारतीय कप्तान ने उम्मीद जताई कि इन बड़े मुकाबलों के दौरान भारतीय खिलाड़ी पूरी तरह फिट रहेंगे और आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को विरोधी टीमों की प्रतिष्ठा से दबाव में आने के बजाय अपने खेल और प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।
छेत्री के मुताबिक, ब्राजील और उरुग्वे जैसी टीमों के खिलाफ खेलना युवा खिलाड़ियों के लिए सीखने और अपनी क्षमता को परखने का दुर्लभ अवसर है। उनका मानना है कि टीम में कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं और अब उन्हें खुद को साबित करने का मौका मिलना चाहिए।
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भारतीय टीम में खिलाड़ियों के चयन और कुछ नामों को बाहर रखे जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर भी छेत्री ने कोच और सहयोगी स्टाफ का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि टीम की जरूरत और रणनीति को सबसे अच्छी तरह कोचिंग स्टाफ ही समझ सकता है।
छेत्री ने कहा कि अब वह भी अन्य प्रशंसकों की तरह टीम को देख रहे हैं और टीम के फैसलों पर भरोसा रखते हैं।
हाल ही में दोबारा अभ्यास शुरू करने वाले सुनील छेत्री ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की संभावना को भी मजाकिया अंदाज में खारिज कर दिया। उन्होंने अपनी फिटनेस को लेकर कहा कि उन्होंने अभी सिर्फ 20 मिनट का प्रशिक्षण किया है और करीब 42 साल की उम्र में दौड़ना भी पहले की तरह आसान नहीं रहा।
छेत्री ने साफ किया कि अब युवा खिलाड़ियों का समय है। उनका भरोसा है कि मौजूदा भारतीय टीम ब्राजील और उरुग्वे जैसी विश्व फुटबॉल की बड़ी ताकतों के खिलाफ मिलने वाले इस अवसर को यादगार बनाने की पूरी कोशिश करेगी।
Location : New Delhi
Published : 30 August 2026, 3:10 PM IST
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