बाबा नगरी को दहलाने की साजिश नाकाम? मोहनपुर रेलवे स्टेशन के पास से दबोचे गए कट्टाधारी बदमाश

देवघर के मोहनपुर थाना पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को लोडेड पिस्तौल, कारतूस और चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने 18 जून को देवीपुर में हुए सुभाष मंडल हत्याकांड सहित देवघर और जमुई में लूट, डकैती और छिनतई की कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 6 July 2026, 3:20 PM IST
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Deoghar: जहां इन दिनों करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर अपराध का एक ऐसा चेहरा भी सामने आया है जिसने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। मोहनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से एक लोडेड देसी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, चार मोबाइल फोन, 1800 रुपये नकद और चोरी की एक ग्लैमर मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

पूछताछ में खुला अपराध का पूरा कच्चा चिट्ठा

पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुताबिक, 5 जुलाई को सूचना मिली थी कि मोहनपुर रेलवे स्टेशन के आसपास राहगीरों से छिनतई की तैयारी की जा रही है। सूचना मिलते ही विशेष टीम बनाई गई और घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया। जब पूछताछ शुरू हुई तो खुलासे एक-एक कर सामने आने लगे। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने देवघर और सीमावर्ती इलाकों में चोरी, छिनतई, लूट, डकैती जैसी कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

देवीपुर हत्याकांड से भी जुड़ रहे तार

पूछताछ में सामने आया कि 18 जून 2026 को देवीपुर थाना क्षेत्र में मोबाइल और मोटरसाइकिल लूटने की कोशिश के दौरान मोटरसाइकिल चालक ने गाड़ी नहीं रोकी तो उसे गोली मार दी गई। इस घटना में सुभाष मंडल उर्फ टिकू मंडल की मौत हो गई थी। अब पुलिस की जांच केवल अवैध हथियार बरामद होने तक सीमित नहीं है, बल्कि हत्या जैसे गंभीर मामले से भी इन गिरफ्तार आरोपियों के तार जोड़कर देखे जा रहे हैं।

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कई जिलों तक फैला नेटवर्क

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों ने जसीडीह क्षेत्र में मोबाइल और मोटरसाइकिल लूटने, जमुई जिले में सीएसपी लूट की घटना तथा देवघर के पथरड्डा थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी जैसी घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता बताई है। इसके अलावा अपहरण कर मोबाइल और नकदी लूटने के मामले का भी जिक्र है। 

श्रावणी मेले से पहले बड़ा सवाल

श्रावणी मेले में हर दिन लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। ऐसे समय में अगर हथियारबंद अपराधी खुलेआम राहगीरों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे, तो यह केवल पुलिस के लिए नहीं बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है। हर साल पुलिस सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है। अतिरिक्त बल तैनात होता है। सीसीटीवी लगाए जाते हैं। चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं। लेकिन इसके बावजूद अगर अपराधी हथियार लेकर सड़कों पर घूम रहे हैं, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

अपराध का इतिहास भी चौंकाने वाला

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ पहले भी मोहनपुर थाना में वर्ष 2021 और 2022 के आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानी यह पहली बार कानून के शिकंजे में नहीं आए हैं। यहीं सबसे बड़ा सवाल पैदा होता है कि अगर पहले से आपराधिक इतिहास था, तो क्या उन पर पर्याप्त निगरानी रखी जा रही थी?, क्या पुराने मामलों में समय पर कार्रवाई होती, तो बाद की घटनाएं रोकी जा सकती थीं?, सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी और दो आरोपियों की गिरफ्तारी निश्चित रूप से पुलिस की एक बड़ी सफलता मानी जाएगी। लेकिन जनता अब केवल गिरफ्तारी की खबर नहीं सुनना चाहती।

जनता जानना चाहती है -

क्या इनके हथियार कहां से आए?, क्या इनके साथ और लोग भी शामिल हैं?, क्या लूट का सामान खरीदने वालों तक पुलिस पहुंचेगी?, क्या हत्या, लूट और छिनतई के बाकी मामलों का भी खुलासा होगा? और सबसे बड़ा सवाल क्या अपराध का पूरा नेटवर्क खत्म होगा, या फिर दो चेहरे पकड़कर बाकी लोग फिर किसी नई वारदात की तैयारी में जुट जाएंगे?

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फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। कानूनी कार्रवाई जारी है और अंतिम फैसला अदालत करेगी। लेकिन देवघर की जनता अब सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि अपराध पर स्थायी लगाम देखना चाहती है। क्योंकि सवाल सिर्फ दो अपराधियों का नहीं सवाल उस भरोसे का है, जिसके सहारे करोड़ों श्रद्धालु हर साल बाबा नगरी आते हैं।

 

Location :  Deoghar

Published :  6 July 2026, 3:20 PM IST

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