हिंदी
गाजियाबाद पुलिस का गंगनहर सर्च ऑपरेशन (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Ghaziabad: गाजियाबाद के चर्चित लोनी हत्याकांड में हत्या के 9 दिन बाद भी मृतक ओमकार का शव बरामद नहीं हो सका है। पुलिस की 14 टीमें मेरठ की गंगनहर में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। इस बीच परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
गाजियाबाद के बहुचर्चित लोनी हत्याकांड ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। 29 मई की सुबह हुई इस सनसनीखेज वारदात को 9 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मृतक ओमकार का शव बरामद नहीं हो सका है। हत्या के बाद से लगातार चल रही पुलिस कार्रवाई और सर्च ऑपरेशन के बावजूद परिवार को अपने बेटे का अंतिम दर्शन तक नसीब नहीं हुआ है। यही वजह है कि अब परिजन खुलकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, 29 मई की सुबह करीब 6:30 बजे आरोपियों ने ओमकार पर हमला किया था। आरोप है कि हमलावरों ने उसे गोलियों से भून दिया और वारदात को अंजाम देने के बाद शव को अपने साथ ले गए। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों की पहचान कर जांच शुरू की, लेकिन हत्या के सबसे अहम सबूत यानी शव की बरामदगी अब तक नहीं हो सकी है।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी हत्या के बाद ओमकार के शव को मेरठ क्षेत्र की गंगनहर में फेंककर फरार हो गए थे। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस लगातार गंगनहर और उससे जुड़े क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। गोताखोरों और तकनीकी संसाधनों की मदद से कई स्थानों पर तलाश की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है।
गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले को अपनी प्राथमिकता में रखा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की करीब 14 टीमें अलग-अलग स्तर पर जांच और तलाश अभियान में लगी हुई हैं। इसके बावजूद शव का पता नहीं चल पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यही कारण है कि मामले को लेकर पुलिस की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
ओमकार के परिजनों का कहना है कि हत्या को नौ दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक शव बरामद नहीं कर सकी। परिवार का सवाल है कि जब पुलिस की इतनी टीमें लगी हुई हैं तो आखिर इतने दिनों से क्या कार्रवाई की जा रही है। परिजन चाहते हैं कि जल्द से जल्द शव बरामद हो और पूरे मामले की सच्चाई सामने आए।
यह मामला अब केवल एक हत्या की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच की गति पर भी बहस छिड़ गई है। शव बरामद न होने के कारण जांच की दिशा और परिणाम दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका और जवाबदेही पर भी सवाल उठ सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कब तक ओमकार के शव को बरामद कर मामले की सबसे बड़ी कड़ी को सामने ला पाती है।
Location : Ghaziabad
Published : 7 June 2026, 3:54 PM IST