हिंदी
खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम डोहरिया प्राणनाथ में जमीन विवाद अब गंभीर और संवेदनशील मामला बन गया है। गांव की निवासी भानमती ने कुछ लोगों पर जमीन हड़पने की कोशिश, जालसाजी और लगातार जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से एफआईआर की मांग की।
पीड़ित परिवार
Gorakhpur: गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम डोहरिया प्राणनाथ में जमीन विवाद अब गंभीर और संवेदनशील मामला बन गया है। गांव की निवासी भानमती ने कुछ लोगों पर जमीन हड़पने की कोशिश, जालसाजी और लगातार जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल एफआईआर दर्ज करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। ख़जनी में कोई सुनवाई न होने के कारण प्रेस वार्ता कर मीडिया से आपबीती बताई।
प्रेस वार्ता में पीड़िता भानमती ने बताया कि उनके पति स्वर्गीय निठुरी के नाम दर्ज जमीन को कथित रूप से फर्जी तरीके से खतौनी से खारिज कर विंध्याचल पुत्र विपत ने अपने नाम दर्ज करा लिया था। जब उन्हें इस जालसाजी की जानकारी हुई तो उन्होंने खजनी तहसीलदार न्यायालय में वाद दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए पति के स्थान पर भानमती का नाम खतौनी में दर्ज करने का आदेश दिया।
गोरखपुर में गैस सिलेंडर लेने से पहले जान लें ये नियम, नहीं तो लौटना पड़ सकता है खाली
न्यायालयीन आदेश के बाद भानमती ने अपनी जमीन का वैध तरीके से विभिन्न व्यक्तियों के पक्ष में बैनामा कर दिया। लेकिन आरोप है कि इसके बाद विंध्याचल पुत्र विपत समेत उसके परिवार के कई लोग इस सौदे को लेकर नाराज हो गए और महिला पर लगातार दबाव बनाने लगे।
पीड़िता का आरोप है कि विंध्याचल, रामकिशन, रामदुलारे, रामसाही, रुधल, आल्हा, मलखा, सुदामा, जयगोपाल और जयगोविंद (सभी पुत्रगण विंध्याचल) मिलकर उससे बैनामा रद्द कराने या पूरी रकम वापस करने की मांग कर रहे हैं। विरोध करने पर उसे फोन पर और आमने-सामने धमकी दी जा रही है कि अगर जमीन का सौदा वापस नहीं किया या पैसा नहीं लौटाया तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
ईरान इजरायल युद्ध के चलते गोरखपुर की दुल्हन का हाल बेहाल, इन हालातों में फंसा दुल्हा
भानमती का कहना है कि आरोपित लोग आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और लगातार धमकियों के कारण वह और उसका परिवार भय के साए में जी रहा है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उनके पति निठुरी की मौत भी विंध्याचल की मिलीभगत से कराई गई हो सकती है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें तथा उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
भानमती ने प्रेस के माध्यम से शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए, ताकि एक असहाय महिला को न्याय मिल सके और भविष्य में कोई अप्रिय घटना होने से पहले ही उसे रोका जा सके।