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डोनाल्ड ट्रंप ने किया ऐतिहासिक शांति समझौते का ऐलान (Img- Internet)
Washington/Tehran: वैश्विक कूटनीति के मंच से एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते (पीस डील) का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बड़े ऐलान पर ईरान की सेना की ओर से भी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है, जो काफी आक्रामक है। ईरान की सेना ने अपने बयान में कहा है कि हमारी सेना के सामने अमेरिका और इजरायल पूरी तरह लाचार नजर आए हैं और उन्होंने हमारे सामने हार मान ली है। उनके पास इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था।
ईरान ने इस पूरे शांति समझौते को केवल एक 'MoU' (मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) का नाम दिया है। तेहरान ने साफ किया है कि इस समझौते का मतलब दुश्मन देश पर आंख मूंदकर भरोसा करना कतई नहीं है। ईरान ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि वह अमेरिका की हर गतिविधि पर पूरी पैनी नजर बनाए रखेगा।
क्या सच में खत्म हुआ अमेरिका-ईरान टकराव? ट्रंप का बड़ा बयान
इसके साथ ही ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी एक बयान जारी कर इसे तेहरान के लोगों और वहां की सेना की बड़ी जीत बताया है। काउंसिल के अनुसार, कई महीनों की बेहद कठिन और लंबी बातचीत के बाद 14 जून की शाम को इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा सका है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार, 14 जून को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट साझा कर दुनिया को इस ऐतिहासिक डील की जानकारी दी। ट्रंप ने लिखा, 'ईरान के साथ समझौता अब पूरी तरह संपन्न हो गया है। इसके लिए सभी को बधाई! मैं होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी टैक्स के पूरी तरह से व्यापार के लिए खोलने की अनुमति देता हूं।'
ट्रंप ने आगे लिखा कि इसके साथ ही अमेरिका द्वारा की गई नौसैनिक नाकाबंदी को तत्काल हटाने की मंजूरी दी जाती है। उन्होंने दुनिया भर के जहाजों से अपने इंजन चालू करने और वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई शुरू करने का आह्वान किया।
इस ऐतिहासिक शांति समझौते पर आगामी शुक्रवार, यानी 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में ईरान की तरफ से गालिबाफ और अब्बास अराघची शामिल होंगे, जबकि अमेरिका का प्रतिनिधित्व वहां के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे।
इस समझौते के लागू होते ही लेबनान सहित सभी मोर्चों पर चल रहे युद्ध और सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त कर दिया जाएगा। साथ ही ईरान के खिलाफ लागू नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह हट जाएगी, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति सुगम हो सकेगी।
Location : Washington/Tehran
Published : 15 June 2026, 9:20 AM IST