पीओके में बढ़ा तनाव! 4 दिनों में 50 से ज्यादा मौतों का दावा, पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पिछले चार दिनों में 50 से अधिक लोगों की मौत का दावा किया गया है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी और ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन ने पाकिस्तानी सेना पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 1 August 2026, 7:41 PM IST
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Muzaffarabad: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। पिछले चार दिनों में क्षेत्र में 50 से अधिक लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने के दावे सामने आए हैं। ये दावे स्थानीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों की ओर से किए गए हैं, जिनमें पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।

JAAC का दावा- चार दिनों में 50 से अधिक लोगों की मौत

शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने दावा किया कि पिछले चार दिनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।

मुजफ्फराबाद में देर रात तक जारी रहा प्रदर्शन

JAAC की ओर से जारी एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि पीओके के मुजफ्फराबाद क्षेत्र में देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहे। प्रदर्शनकारी अपने मौलिक अधिकारों की सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए वादों को लागू करने की मांग कर रहे थे। संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग अब भी सड़कों पर डटे हुए हैं और आंदोलन जारी रखने के पक्ष में हैं।

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मानवाधिकार संगठन HRF ने जताई चिंता

अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (HRF) ने भी पीओके में कथित घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर निहत्थे और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोपों की निंदा की। एचआरएफ ने पाकिस्तानी अधिकारियों से हिंसक कार्रवाई रोकने, मोबाइल संचार सेवाएं बहाल करने और यदि कहीं गैरकानूनी बल प्रयोग हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय करने की मांग की।

शव हटाने और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के आरोप

मानवाधिकार संगठन ने स्थानीय नागरिक समाज समूहों के हवाले से दावा किया कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शन के दौरान हजारों लोगों पर गोलीबारी की। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कथित तौर पर अस्पतालों से शव हटाने और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने जैसे कदम उठाए।

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संयुक्त राष्ट्र तक पहुंचा मामला

यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) के अध्यक्ष सरदार शौकत अली कश्मीरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अधिकारियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पीओके में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कथित घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।

लाहौर में भी हुआ विरोध प्रदर्शन

शुक्रवार को लाहौर प्रेस क्लब के बाहर भी प्रदर्शन आयोजित किया गया, जहां प्रदर्शनकारी पीओके में कथित हिंसा के विरोध में और वहां के लोगों के समर्थन में एकत्र हुए। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन शुरू होने के कुछ समय बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें पुलिस वाहनों के जरिए ले जाया गया।

Location :  Muzaffarabad

Published :  1 August 2026, 7:41 PM IST

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