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अपनी ही आवाम से घिरी पाकिस्तानी हुकूमत (Img- Pinterest)
New Delhi: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जनता का गुस्सा अब बेकाबू हो चुका है। अपने अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतरी निहत्थी आवाम को दबाने के लिए पाकिस्तानी हुकूमत ने अब सैन्य बल का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
पीओके के अलग-अलग हिस्सों में भड़के इस जनाक्रोश से पाकिस्तानी जनरल इस कदर डर गए हैं कि भारत से सटी नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास अचानक सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं। गृहयुद्ध जैसे हालातों के बीच पाकिस्तान के थल सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को खुद मुजफ्फराबाद पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा है।
सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा और गुरेज सेक्टर के ठीक सामने स्थित एथमुकाम डिग्री कॉलेज को पाकिस्तानी सेना ने अपना नया ठिकाना बना लिया है। नीलम (किशनगंगा) नदी के पास स्थित यह इलाका रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
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भारतीय सीमा के इतने करीब अचानक बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों का पहुंचना किसी बड़ी अनहोनी की तरफ इशारा कर रहा है। जानकारों का मानना है कि सेना का यह कदम अपनी ही जनता में खौफ पैदा करने और ध्यान भटकाने की एक नाकाम कोशिश है।
पीओके के कोटली इलाके से एक बेहद खौफनाक तस्वीर सामने आई है, जहां अपने हक के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर पाकिस्तानी सेना और स्थानीय पुलिस ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और सीधी फायरिंग तक की। इस बर्बरता में करीब 50 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। दर्जनों महिलाओं को जबरन उठाकर अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है।
जम्मू-कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी (JKHRO) के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के इस दमनकारी अभियान में अब तक करीब 91 बेगुनाह लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, अब इस आंदोलन को युवाओं और छात्रों का भी खुला समर्थन मिलने लगा है।
यूनाइटेड गिलगित-बाल्टिस्तान स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (UGBSO) ने आधिकारिक पत्र जारी कर आंदोलनकारियों का साथ देने का ऐलान किया है। छात्रों का कहना है कि वे पाकिस्तानी सेना की तानाशाही नीति का डटकर विरोध करेंगे।
Location : New Delhi
Published : 31 July 2026, 11:24 AM IST
Topics : Indian border Pakistan Army PoK Protests PoK Unrest