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राम मंदिर (img: google)
Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की राशि को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि महाकुंभ के दौरान जब श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से मंदिर में आने वाले दान में कई गुना इजाफा हुआ, तब कथित रूप से इसी बढ़ी हुई राशि का फायदा उठाकर बड़े स्तर पर हेरफेर किया गया।
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि महाकुंभ के समय एक-एक दिन में लाखों रुपये की राशि गायब की गई। हालांकि इस पूरे मामले की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
दरअसल, महाकुंभ के दौरान देश और दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर में दर्शन भी किए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मंदिर में चढ़ावे की राशि आम दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई थी। बताया जा रहा है कि उस समय दान में आने वाली नकदी की मात्रा काफी ज्यादा थी और गिनती का काम भी लंबे समय तक चलता था। आरोप है कि इसी भीड़ और बढ़े हुए चढ़ावे के दौर में कथित गड़बड़ी को अंजाम दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, महाकुंभ के दौरान कथित रूप से हर दिन 10 से 15 लाख रुपये तक की राशि पार की गई। दावा किया जा रहा है कि बड़ी मात्रा में नकदी होने के कारण गिनती की प्रक्रिया लंबी चलती थी और इसी दौरान हेरफेर की गई। अगर ये आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कथित गबन का स्तर कितना बड़ा हो सकता है। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है और पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मंदिर में चढ़ावे के रूप में सिर्फ नकदी ही नहीं बल्कि सोने-चांदी के आभूषण भी श्रद्धालु अर्पित करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, नकदी के अलावा जेवरात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि कुछ मामलों में असली सोने की जगह नकली आभूषण रखने जैसी गड़बड़ी की गई। हालांकि इस दावे की भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वास्तव में ऐसा हुआ या नहीं।
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती एक बेहद संवेदनशील प्रक्रिया मानी जाती है। इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं और कई स्तरों पर निगरानी रखी जाती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर इतनी बड़ी गड़बड़ी हुई तो यह संभव कैसे हुई? मामले में सवाल उठ रहे हैं कि सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी? गिनती से जुड़े कर्मचारियों की जांच और तलाशी की प्रक्रिया कैसी थी? बैंक और ट्रस्ट से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या रही?
Location : Ayodhya
Published : 15 June 2026, 9:07 AM IST