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अयोध्या राम मंदिर (सोर्स-Pinterest)
Ayodhya: श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की राह आसान करने के लिए एक बड़ा और अहम प्रशासनिक बदलाव किया है। पूर्व पदाधिकारियों की आईडी बंद होने से दर्शन पास की प्रक्रिया में आई रुकावट को दूर करने के लिए ट्रस्ट ने अब अपने तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को दर्शन पास जारी करने के लिए आधिकारिक रूप से अधिकृत कर दिया है। यह कदम मंदिर व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यह पूरा फेरबदल तब जरूरी हुआ जब पूर्व महासचिव चंपतराय, पूर्व ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र और गोपाल राव की आईडी तकनीकी रूप से बंद कर दी गईं। इन महानुभावों के त्यागपत्र के बाद दर्शन पास बनवाने की प्रक्रिया में बाधा आ रही थी।
खासतौर पर चंपतराय के पास देश-दुनिया से भक्त पास के लिए आवेदन भेजते थे और उनके कुछ करीबी व अधिकृत ट्रस्ट कर्मी उनकी आईडी से पास निर्गत कराते थे। वहीं, डॉ. अनिल कुमार मिश्र की आईडी स्थानीय नागरिकों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों के लिए सबसे सुलभ माध्यम हुआ करती थी। इन व्यवस्थाओं के बंद होने से जो खालीपन आया, उसकी भरपाई के लिए अब ट्रस्ट के तीनों सीए को मैदान में उतारा गया है ताकि नियमित पास जारी होने में कोई व्यवधान न आए।
वर्तमान में अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की कड़ी देखरेख में भक्तों की सुविधा के तमाम प्रबंध किए जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के नाम से बनाई गई नई पास आईडी अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुकी है और इसके जरिए लगातार पास जारी भी किए जा रहे हैं। इसके अलावा, कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि और ट्रस्टी महंत दिनेंद्रदास सहित अन्य सक्रिय ट्रस्टियों के नाम से भी नियमित विशिष्ट व सुगम दर्शन पास जारी होने का सिलसिला जारी है।
रामलला के दर्शन के लिए आने वाले विशिष्ट और सामान्य श्रद्धालुओं के प्रबंध को लेकर ट्रस्ट ने स्पष्ट स्लाट व्यवस्था बनाई हुई है-
दैनिक कुल कोटा: मंदिर में प्रतिदिन लगभग 1,800 पास जारी किए जाते हैं।
समय सारणी: यह पूरा कोटा छह अलग-अलग स्लाट में बंटा हुआ है, जहां प्रत्येक स्लाट की अवधि दो घंटे की होती है और हर स्लाट में 300 पास निर्गत होते हैं। इसी कोटे के अंतर्गत विशिष्ट और सुगम दर्शन पास भी शामिल हैं।
आरएसएस के लिए विशेष प्रबंध: संघ से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए पास की एक अलग और सुव्यवस्थित व्यवस्था तय की गई है, जो संबंधित विभाग प्रचारक और कार्यालय प्रमुख की संस्तुति पर ही जारी होते हैं।
प्रशासनिक कोटा: जिला एवं पुलिस प्रशासन के लिए भी दर्शन पास का एक अलग और निश्चित कोटा आरक्षित किया गया है।
Location : Ayodhya
Published : 31 July 2026, 7:39 AM IST