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कोल्हुई (महराजगंज) में ईद का जश्न तो मना, लेकिन इस बार की सामूहिक दुआ में ऐसा क्या था जिसने सबका दिल जीत लिया? यहां जानिये कोल्हुई शहर में कैसे मनाई गई ईद का जश्न
महराजगंज ; ईद उल फितर (Source: google)
Maharajganj: महराजगंज जिले के कोल्हुई क्षेत्र में ईद-उल-फितर का पवित्र त्योहार अकीदत और बेहद सादगी के साथ मनाया गया। रमजान के एक महीने के रोजों के बाद, मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में इकट्ठा होकर अल्लाह की इबादत की और एक-दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी।
ईद की नमाज को लेकर सुबह से ही कोल्हुई और आसपास के ग्रामीण इलाकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। लोग नए वस्त्र पहनकर, खुशबूदार इत्र लगाकर और चेहरे पर खुशी लिए ईदगाहों की ओर रवाना हुए। नमाज के दौरान अनुशासन और भाईचारे का ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सामाजिक सद्भावना की एक मिसाल पेश की। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस त्योहार के रंग में रंगा नजर आया।
महराजगंज: कोल्हुई में धूमधाम से मनाई गई ईद, हजारों अकीदतमंदों ने एक साथ पढ़ी नमाज#EidMubarak #Kolhui #UPNews #Eid2026 pic.twitter.com/YOYQiylXWf
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 21, 2026
नमाज के बाद जब 'खुतबा' (धार्मिक उपदेश) समाप्त हुआ, तो सामूहिक दुआ का दौर शुरू हुआ। इस दौरान हजारों हाथ एक साथ आसमान की ओर उठे और अल्लाह से देश में अमन, चैन, शांति और तरक्की की गुहार लगाई गई।
नमाजियों ने प्रार्थना की कि भारत में आपसी प्रेम और भाईचारा हमेशा कायम रहे और देश विकास की नई ऊंचाइयों को छुए। दुआ में विशेष रूप से वर्तमान समय की चुनौतियों को देखते हुए सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
बड़ी भीड़ को देखते हुए कोल्हुई पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। संवेदनशील इलाकों और ईदगाह के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। आला अधिकारियों ने खुद मौके पर मौजूद रहकर शांति व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन की मुस्तैदी के कारण पूरी नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रही।
कोल्हुई के निवासियों ने इस जश्न के माध्यम से यह संदेश दिया कि ईद केवल मिठाइयां खाने या खुशियां मनाने का दिन नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का संकल्प है।
नमाज के बाद लोगों ने अपने हिंदू भाइयों और मित्रों से मिलकर खुशियां बांटीं, जो भारतीय संस्कृति की 'गंगा-जमुनी तहजीब' को दर्शाता है।