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नगर कोतवाली का घेराव
Muzaffarnagar: मंगलवार को एक बार फिर धार्मिक स्थल को लेकर माहौल गरमा गया। सड़क किनारे बनी एक मजार को लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा जब उन्होंने नगर कोतवाली का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आरोप है कि सरकारी जमीन पर बनी यह मजार धीरे-धीरे फैलती चली गई और प्रशासन की कथित अनदेखी ने विवाद को और हवा दे दी। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने शब्दों में कहा कि प्रशासन कार्रवाई करे या वे खुद कदम उठाने को मजबूर होंगे।
UP: मुजफ्फरनगर की रुड़की रोड पर बनी अवैध मजार को लेकर शिवसेना ने नगर कोतवाली का घेराव किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर प्रशासन कार्रवाई नहीं करेगा तो वे खुद हथौड़े लेकर मजार ध्वस्त करेंगे। @muzafarnagarpol #Muzaffarnagar #ShivSena pic.twitter.com/vpaTnPDntG
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 20, 2026
शिवसेना कार्यकर्ताओं का कहना है कि रुड़की रोड पर स्थित यह मजार पहले बहुत छोटी थी लेकिन समय के साथ इसका लगातार विस्तार किया गया। कार्यकर्ताओं के अनुसार शुरुआत में यह करीब 10 फीट की थी फिर 30 फीट, उसके बाद 50 फीट और अब यह करीब 100 फीट तक फैल चुकी है। आरोप है कि यह पूरा निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया है> इसके लिए किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई। इसी बात को लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला।
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मजार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शिवसेना कार्यकर्ता बड़ी संख्या में नगर कोतवाली पहुंचे। अधिकारियों का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द से जल्द मजार को ध्वस्त करने की मांग रखी। शिवसेना का कहना था कि अगर प्रशासन अवैध निर्माण को संरक्षण दे रहा है तो यह कानून व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है।
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस तरह सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है तो उन्हें भी उसी मजार के पास 100 गज जमीन दी जाए। जिससे वे वहां हनुमान मंदिर की स्थापना कर सकें। कार्यकर्ताओं ने दो टूक कहा कि अगर कुछ दिनों के भीतर प्रशासन ने मजार को नहीं हटाया तो वे खुद हथौड़े लेकर उसे ध्वस्त करेंगे। उनका कहना था कि वे प्रशासन के भरोसे अब ज्यादा समय तक नहीं बैठेंगे।
शिवसेना जिला अध्यक्ष लोकेश सैनी ने आरोप लगाया कि मजार के अंदर सरकारी पेड़ों को भी शामिल कर लिया गया है, जो करीब 100 साल पुराने बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही मजार में वर्षों से चोरी की बिजली जलाए जाने का भी आरोप लगाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वास्तव में वहां कोई मजार है या सिर्फ चार ईंटें लगाकर और चादर डालकर पीर बना दी गई है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन जांच कर यह स्पष्ट करे कि वहां कोई कंकाल या मुर्दा मौजूद है भी या नहीं।
हालांकि इस पूरे मामले में कैमरे के सामने कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं दिखा लेकिन फोन पर अधिकारियों ने बताया कि शिकायत संबंधित विभाग को भेज दी गई है। जांच के बाद अगर मजार अवैध पाई जाती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने शिवसेना कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है और कुछ समय मांगा है।
Location : Muzaffarnagar
Published : 21 January 2026, 5:15 AM IST