मुजफ्फरनगर अग्निकांड: वापस आ जाओ पापा-चाचा और दादी मां, बेटियों की चीखों से कांपा जिला, पढ़ें ताजा अपडेट

पोस्टमार्टम के बाद तीनों का अंतिम संस्कार शुकतीर्थ में बाणगंगा नदी के किनारे एक साथ किया गया। बेटियों की चीखें हर किसी का कलेजा चीर रही थीं। “लौट आओ पापा, चाचा… दादी मां हमें छोड़कर मत जाओ” -ये शब्द वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर गए।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 31 December 2025, 11:41 AM IST
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Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर की वसुंधरा रेजीडेंसी में सोमवार की शाम जो हुआ, उसने पूरे शहर को दहला दिया। एक शांत कॉलोनी में अचानक उठती आग की लपटें, तेज धमाके और धुएं के बीच एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। यह सिर्फ एक हादसा नहीं था, बल्कि कुछ ही मिनटों में खुशहाल घर को श्मशान में बदल देने वाली त्रासदी थी।

कैसे लगी आग, कैसे बिगड़े हालात

नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की वसुंधरा रेजीडेंसी में किराये के मकान में रह रहे देवबंद तहसील के कानूनगो अमित गौड़ ठंड से बचने के लिए अपने भाई नितिन गौड़ के साथ अंगीठी जलाकर बैठे थे। दूसरे कमरे में उनकी मां सुशीला टीवी देख रही थीं। इसी दौरान रसोई गैस लीक हुई और अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही पल में घर में रखे दो गैस सिलिंडर जोरदार धमाके के साथ फट गए।

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धुआं बना मौत की वजह

तेज धुएं और आग ने बाहर निकलने का मौका ही नहीं दिया। अमित और नितिन की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि बुजुर्ग सुशीला आग की चपेट में आ गईं। पड़ोसी आदित्य राणा मदद के लिए अंदर घुसे, लेकिन वह भी झुलस गए।

जब तक मदद पहुंची, सब खत्म हो चुका था

दमकल की गाड़ियां और पुलिस मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग बुझने के बाद घर से तीन शव ही निकाले जा सके। एक कमरे में दोनों भाइयों के शव मिले, जबकि दूसरे कमरे में मां सुशीला का जला हुआ शव मिला।

एक साथ जलीं तीन चिताएं, रो पड़ा शुकतीर्थ

पोस्टमार्टम के बाद तीनों का अंतिम संस्कार शुकतीर्थ में बाणगंगा नदी के किनारे एक साथ किया गया। बेटियों की चीखें हर किसी का कलेजा चीर रही थीं। “लौट आओ पापा, चाचा… दादी मां हमें छोड़कर मत जाओ” -ये शब्द वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर गए।

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पुलिस का बयान और जांच

सीओ नई मंडी राजू कुमार साव के मुताबिक, सुशीला की मौत जलने से और अमित-नितिन की मौत दम घुटने से हुई है। अत्यधिक धुएं के कारण वे बाहर नहीं निकल सके।

गम में डूबा पूरा इलाका

हादसे के बाद वसुंधरा रेजीडेंसी और वजीराबाद गांव में शोक की लहर है। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने परिवार को सांत्वना दी, लेकिन यह नुकसान ऐसा है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।

Location : 
  • Muzaffarnagar

Published : 
  • 31 December 2025, 11:41 AM IST

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