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आरआरसी सेंटर (सोर्स- रिपोर्टर)
हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई में सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए ग्राम पंचायतों में पानी की तरह पैसा बहाया लेकिन जिम्मेदारों की खाउ कमाऊ की नीति के चलते गावों की सूरत फिर भी नहीं बदली। बता दें कि ग्राम प्रधान, सचिव व खंड विकास अधिकारियों की भ्रष्टाचार नीति ने सरकार के मंसूबों पर ही पानी फेर दिया। इसका ताज़ा उदाहरण माधौगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत समुखा नेवादा में साफ तौर पर देखा जा सकता है।
लाखों में बना आरआरसी सेंटर
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता को मिली जानकारी के अनुसार, यहां 10 लाख से भी ज्यादा की लागत से बनाया गया आरआरसी सेंटर ग्राम प्रधान की जागीर बन गया है। इसमें ग्राम प्रधान ने गोबर के उपले (कंडे) भर रखे हैं। वैसे तो प्रत्येक ग्राम पंचायत में इसका निर्माण कूड़ा निस्तारण के लिए हुआ है,पर शायद ही किसी गांव में इसका उपयोग सही से किया जाता हो।
सीडीओ सौम्या गुरुरानी का बयान
माधोगंज की ग्राम पंचायत समुखा नेवादा में तो इसका निर्माण भी अभी पूरा नहीं हो पाया और सारा धन ग्राम प्रधान व सचिव ने निकाल कर बंदर बांट कर लिया। अब ऐसा भी नहीं हो सकता है, ब्लॉक के अधिकारी इस भ्रष्टाचार से अंजान हो सूत्रों की माने तो उनको भी इस भ्रष्टाचार के खेल में हिस्सा मिला होगा। तभी तो ग्राम प्रधान की इस करतूत और आरआरसी सेंटर के अधूरे निर्माण पर जिम्मेदारों ने पर्दा डाला हुआ है। हालांकि सीडीओ सौम्या गुरुरानी का कहना है कि सरकारी धन का दुरूपयोग नहीं होने दिया जायेगा। मामले की जांच कराकर दोषियों पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
अन्य मामला
हरदोई में नहीं बल्कि उन्नाव में भी एक ऐसा ही मामला देखने को मिला था, जिससे ग्रामीण वासी काफी रोष थे। बता दें कि जिले में गांवों को स्वच्छ रखने के लिए कूड़ा निस्तारण केंद्रों का निर्माण कार्य हो रहा है, लेकिन अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हुआ है बल्कि ब्लॉक कर्मियों की लापरवाही के कारण काम अधूरा है। जिसके चलते जमुका और बड़ौरा के निवासी ग्राम विकास अधिकारी पर कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के चलते कई लोग गुस्सा हैं। बता दें कि शासन ने गांवों की साफ-सफाई और कचड़ा मुक्त रखने के लिए कूड़ा निस्तारण केंद्रों बनाने के निर्देश दिए थे।
Location : Hardoi
Published : 4 May 2025, 2:59 PM IST