Gorakhpur: मानव तस्करी के दोषी पर चला कानून का चाबुक, अब भुगतनी होगी ये सजा

मानव तस्करी जैसे संगीन अपराध में करीब आठ साल बाद न्याय का पहिया अपने मुकाम तक पहुंचा है। गोरखपुर की अदालत ने वर्ष 2017 के चर्चित मामले में अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले को पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Gorakhpur: मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2017 में थाना कैंट क्षेत्र में दर्ज मानव तस्करी के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 14 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2.50 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस निर्णय को पीड़ितों को न्याय दिलाने और अपराधियों में कानून का भय पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाने के पैरोकार एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी की गई। इसी का परिणाम रहा कि मामले में अभियोजन पक्ष न्यायालय के समक्ष अपराध सिद्ध कराने में सफल रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना कैंट पर वर्ष 2017 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 593/2017, धारा 370(5) भारतीय दंड संहिता तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 79 के तहत सुनवाई चल रही थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-04) गोरखपुर की अदालत में हुई। न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त राजकिशोर महतो पुत्र स्वर्गीय मुंशी महतो निवासी टिकौली, थाना रनी सैदपुर, जिला सीतामढ़ी (बिहार) को दोषी करार दिया।

गोरखपुर में नदी-तालाब किनारे क्या करने जा रही है पुलिस? लोग भी हैरान

कोर्ट ने सुनाई ये सजा

न्यायालय ने अभियुक्त को मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध का दोषी पाते हुए 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 2 लाख 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। न्यायालय के इस फैसले को मानव तस्करी के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

गोरखपुर पुलिस ने बताया कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन के तहत लंबित मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में इस मामले में भी पुलिस एवं अभियोजन पक्ष ने समन्वय बनाकर प्रभावी पैरवी की, जिससे दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी।

गोरखपुर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल! किन अफसरों की कुर्सी खिसकी और किसे मिली नई कमान?

अभियुक्त को सजा दिलाने में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) श्री बृजेश कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस विभाग ने उनकी प्रभावी पैरवी और न्यायालय में प्रस्तुत किए गए ठोस तर्कों की सराहना की है। यह फैसला मानव तस्करी जैसे संगीन अपराधों के विरुद्ध कानून की सख्ती और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

Location :  Gorakhpur

Published :  31 May 2026, 6:10 AM IST

Advertisement