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बांसडीह में गोंड छात्र-नौजवानों का धरना (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Ballia: बांसडीह में गोंड छात्र-नौजवानों का अनिश्चितकालीन धरना 14 अप्रैल 2026 को भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की मांग को लेकर अपने आंदोलन को तेज कर दिया है। उनका कहना है कि संविधान अनुसूचित जनजाति आदेश संशोधन अधिनियम-2002 तथा 3 नवंबर 2021 के शासनादेश का अक्षरशः पालन किया जाए और गोंड समाज के लोगों को अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र आसानी से जारी किया जाए।
धरना दे रहे छात्रों ने बताया कि बांसडीह तहसीलदार द्वारा 7 अप्रैल को चार गोंड व्यक्तियों को अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जिन साक्ष्यों के आधार पर ये प्रमाणपत्र जारी हुए हैं, उन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अन्य पात्र लोगों को भी प्रमाणपत्र दिए जाएं। इस मुद्दे पर छात्र नेता बिट्टू गोंड ने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी धरनार्थियों को प्रमाण पत्र नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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धरना स्थल पर ही डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया और "जय भीम, जय संविधान" के नारे लगाए गए। साथ ही भारतीय संविधान की उद्देशिका का सामूहिक पाठ भी किया गया, जिससे आंदोलन को वैचारिक मजबूती मिली।
ऑल गोंडवाना स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आगसा) के संरक्षक अरविंद गोंडवाना ने आरोप लगाया कि बांसडीह तहसीलदार नितिन कुमार सिंह संविधान संशोधन अधिनियम-2002 की अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ लेकर पद संभालने वाले अधिकारियों को नियमों का पालन करना चाहिए।
धरने में उमाशंकर गोंड, लल्लन गोंड, प्रिंस गोंड, मुन्ना गोंड, विशाल गोंड, तारकेश्वर गोंड, मुकेश गोंड सहित कई लोग शामिल रहे। सभी ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
Location : Ballia
Published : 14 April 2026, 5:25 PM IST