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बदायूं में अब तटबंध पर गंगा का खतरा (IMG: Dynamite News)
Budaun: लगातार हो रही बारिश और डैम से छोड़े जा रहे पानी ने बदायूं के गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का कटान भी तेज हो गया है। हालात ऐसे हैं कि दातागंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों में ग्रामीणों को अपनी जमीन, घर और रोजी-रोटी की चिंता सताने लगी है।
कदम नगला गांव में गंगा का कटान सबसे ज्यादा भयावह रूप ले चुका है। यहां जूनियर हाईस्कूल तक नदी के कटान की चपेट में आ गया और स्कूल का हिस्सा गंगा की धारा में समा गया। इसके अलावा करीब 200 बीघा कृषि भूमि नदी में कट चुकी है। गंगा अब तक गांव के करीब आधा दर्जन घरों को भी अपनी धारा में समेट चुकी है।
कदम नगला में रहने वाले लोगों के लिए हर गुजरता दिन चिंता बढ़ा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा लगातार जमीन काट रही है। पहले खेत नदी में समा रहे थे, लेकिन अब आबादी की ओर भी कटान तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीण अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। उन्हें डर है कि अगर कटान इसी रफ्तार से जारी रहा तो आने वाले दिनों में कई और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं।
कदम नगला के बाद अब भुंडी गांव के पास भी गंगा के कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। यहां नदी तटबंध के बेहद करीब पहुंचती जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, एक ही दिन में करीब सौ मीटर से ज्यादा क्षेत्र में कटान हुआ है और तटबंध की तरफ के खेत नदी में कट चुके हैं। भुंडी के लोगों को अब सिर्फ कृषि भूमि के नुकसान का डर नहीं है, बल्कि तटबंध की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कटान रोकने के इंतजाम नहीं किए गए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
भुंडी के ग्रामीण प्रशासन से जल्द से जल्द बचाव कार्य शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी जिस तेजी से कटान कर रही है, उससे हालात कभी भी गंभीर हो सकते हैं। लोगों का कहना है कि अभी कृषि भूमि का नुकसान हो रहा है, लेकिन अगर कटान की दिशा नहीं बदली गई तो तटबंध भी इसकी चपेट में आ सकता है। ऐसे में प्रशासन को सिर्फ राहत सामग्री बांटने के बजाय कटान रोकने के लिए मौके पर ठोस कदम उठाने चाहिए।
गंगा के बढ़े जलस्तर और कटान के चलते रैपुरा, कदम नगला और दल नगला समेत आसपास के कई गांव पानी से घिर गए हैं। इन इलाकों में ग्रामीणों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है। लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से स्टीमर लगाए गए हैं। गांवों में राहत सामग्री भी वितरित की गई है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि राहत सामग्री से तत्काल जरूरतें तो पूरी हो सकती हैं, मगर कटान और बाढ़ की स्थायी समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
बाढ़ और जलभराव के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम भी प्रभावित गांवों में पहुंची। उसावां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रैपुरा और कदम नगला क्षेत्र में जाकर बाढ़ प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जिन लोगों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी मिली, उन्हें दवाएं वितरित की गईं। स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल डॉक्टर हिमांशु ने बताया कि जलभराव के कारण आने वाले दिनों में बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित लोगों को साफ पानी पीने और स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
Location : Budaun
Published : 19 August 2026, 2:26 PM IST