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फतेहपुर में ललौली कस्बे की सड़क का खस्ता हाल है। ये पता नहीं चल पा रहा है कि सड़क पर गड़ढे हैं या गडढ़ों पर सड़क है। इस सड़क पर वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर है। लोग जान जोखिम में डालकर इस रोड पर आवागमन कर रहे हैं। जनता में प्रशासन को लेकर आक्रोश व्याप्त है।
दलदल में तब्दील हुई ललौली कस्बे की सड़क
Fatehpur: फतेहपुर में ललौली कस्बे की सड़क का खस्ता हाल है। ये पता नहीं चल पा रहा है कि सड़क पर गडढे हैं या गडढ़ों पर सड़क है। यहां पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी दूभर है। लोग जान जोखिम में डालकर इस रोड पर आवागमन कर रहे हैं। जनता में प्रशासन को लेकर आक्रोश व्याप्त है।
बता दें कि जर्जर सड़क इस रोड से रोज आने जान वाले जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी का मुंह ताकती है लेकिन जिम्मेदार मौन हैं।
Fatehpur News: फतेहपुर में ललौली कस्बे की सड़क का बुरा हाल
➡️दलदल और गड्ढों में तब्दील हुई ललौली कस्बे की सड़क
➡️वाहन चालक और राहगीरों का चलना दूभर
➡️जान जोखिम में डालकर कर रहे आवागमन
➡️प्रशासन बना मौन#Fatehpur #Laloliroad #Lalolitown #swamp pic.twitter.com/LsfJR3QkSh— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 3, 2026
जानकारी के अनुसार ललौली कस्बे से होकर गुजरने वाला बांदा–कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 4 किलोमीटर लंबा हिस्सा बीते कई दशकों से जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। सड़क पर करीब 800 से अधिक गड्ढे बन चुके हैं। जो अब आमजन के लिए गंभीर परेशानी और खतरे का कारण बन गए हैं।
कस्बे के अंदर यह मार्ग बिना बरसात के पूरी तरह कीचड़ और पानी से भरे दलदल में तब्दील हो गया है। कई स्थानों पर डेढ़ से दो फुट तक गहरे गड्ढे होने से आए दिन दोपहिया और चार पहिया वाहन रोडवेज,ट्रक फंस जाते हैं। राहगीरों को जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है।
स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि इसी मार्ग पर हर सप्ताह गुरुवार और रविवार को साप्ताहिक बाजार लगता है। इस बाजार में आसपास के 18 से 20 गांवों के लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। कीचड़ भरी सड़क के कारण व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग से रोजाना 5 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। यही नहीं इसी सड़क से बड़े जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी आवागमन करते हैं। लेकिन इसके बावजूद वर्षों से सड़क की मरम्मत या निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। अब यह समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं रही। बल्कि जनता में गुस्से और नाराजगी का कारण बनती जा रही है।
कस्बेवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क को नहीं बनाया गया तो इसका सीधा असर आने वाले चुनावों में भी देखने को मिल सकता है। लोग सड़क पानी और मूलभूत सुविधाओं को लेकर जवाब मांग रहे हैं।
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हादसे को न्यौता देती इस सड़क पर प्रशासन मौन बना है। 4 किमी लंबी सड़क के दोनों तरफ कीचड़-दलदल की स्थिति बनी हुई है। यहां पर वाहन चलना तो दूर पैदल चलना भी दूभर है।