फतेहपुर का अवैध वसूली कांड: एक फरारी जिसने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा किया, क्यों अटका है अभी भी मामला?

फतेहपुर में ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले में खनिज अधिकारी का गनर राजू कार्बाइन समेत फरार है। STF की जांच में कई आरोपी जेल भेजे गए, लेकिन अधिकारी का नाम उजागर न होना और गनर का गायब रहना जांच पर सवाल खड़े कर रहा है।

Updated : 3 January 2026, 11:49 AM IST
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Fatehpur: जनपद में ओवरलोड भारी वाहनों से अवैध वसूली के चर्चित मामले में खनिज अधिकारी का गनर राजू अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस प्रकरण ने न सिर्फ प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि जांच की दिशा और निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एसटीएफ लखनऊ द्वारा 12 नवंबर को थाना थरियांव में दर्ज कराए गए मुकदमे में गनर राजू को नामजद आरोपी बनाया गया था, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही वह अपनी सरकारी कार्बाइन के साथ फरार चल रहा है।

एक नाम जो फाइलों में है, पर जमीन पर नहीं

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली का यह खेल सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था। इस मामले में लोकेटर मुकेश तिवारी, धीरेंद्र सिंह, बबलू उर्फ श्याम सिंह और आरटीओ के निजी चालक व ट्रक चालक विक्रम को भी नामजद किया गया है। वहीं, जिस खनिज अधिकारी के संरक्षण में यह पूरा नेटवर्क चलने की आशंका जताई जा रही है, उसका नाम मुकदमे में अज्ञात रखा गया है। यही वजह है कि जांच को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

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पुलिस सूत्रों के अनुसार, गनर राजू की गिरफ्तारी इस पूरे अवैध वसूली नेटवर्क की परतें खोल सकती है। माना जा रहा है कि राजू के पास कई अहम जानकारियां हैं, जिनके जरिए बड़े अधिकारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों की भूमिका उजागर हो सकती है। इसके बावजूद, इतने समय बाद भी उसका फरार रहना पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है। इसी तरह इस मामले का एक अन्य अहम आरोपी लोकेटर मुकेश तिवारी भी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।

जांच के बीच बढ़ता सस्पेंस

जांच अधिकारी एवं डीएसपी वीर सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और तकनीकी सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान कई नए नाम सामने आए हैं, जिनकी संलिप्तता की पुष्टि होने पर उन्हें मुकदमे में शामिल किया गया है। अब तक इस प्रकरण में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

गौरतलब है कि एसटीएफ ने जांच के दौरान 141 ओवरलोड भारी वाहनों से अवैध वसूली की सूची बरामद की थी। इसी सूची के आधार पर फतेहपुर और रायबरेली जनपदों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ ढाबा संचालक भी इस अवैध वसूली के खेल में भूमिका निभा रहे थे, जहां से ट्रकों की जानकारी और आवाजाही पर नजर रखी जाती थी।

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फिलहाल, खनिज अधिकारी का नाम सार्वजनिक न किया जाना और गनर का फरार रहना पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस प्रकरण में शामिल बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई नहीं हुई तो अवैध वसूली का यह खेल पूरी तरह बंद होना मुश्किल है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और एसटीएफ कब तक फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर इस बहुचर्चित मामले का खुलासा कर पाती हैं।

Location : 
  • Fatehpur

Published : 
  • 3 January 2026, 11:49 AM IST

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