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मुजफ्फरनगर में युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने और सोशल मीडिया पर धमकियां देने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने SSP से आरोपी की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बेटी की तलाश के लिए दर-दर भटक रहा परिवार
Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर में एक बार फिर रिश्तों, भरोसे और कानून को खुली चुनौती देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया की आड़ में धमकियां, गालियां और डर का खेल खेला जा रहा है, जबकि एक परिवार अपनी बेटी के गायब होने के गम और खौफ में दिन-रात काट रहा है। मामला सिर्फ एक युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने का नहीं, बल्कि खुलेआम कानून को ठेंगा दिखाने और पूरे परिवार को डराने-धमकाने का बनता जा रहा है।
बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप
मुजफ्फरनगर के रामलीला टिल्ला निवासी रामबीर ने शामली जिले के गांव सुनहेटी निवासी मोनू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि आरोपी युवक उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। घटना के बाद से परिवार सदमे में है और मानसिक तनाव झेल रहा है। रामबीर का कहना है कि बेटी के जाने के बाद से घर में डर और अनिश्चितता का माहौल है।
सोशल मीडिया पर धमकी और गाली-गलौज
पीड़ित के आरोप यहीं खत्म नहीं होते। रामबीर का कहना है कि मोनू लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील भाषा और अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहा है। इतना ही नहीं, आरोपी परिवार को “देख लेने” और “जान से मारने” जैसी धमकियां भी दे रहा है। आरोप है कि मोनू ने दर्जनों आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए हैं, जिससे परिवार की सामाजिक छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है।
थानों के चक्कर, नहीं मिली राहत
रामबीर के मुताबिक घटना के बाद से वह लगातार थाना और पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। इसी से परेशान होकर वह अपने परिवार के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचा और लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी दबंग किस्म का युवक है और खुलेआम कानून को चुनौती दे रहा है।
तनाव और अनहोनी की आशंका
पीड़ित का कहना है कि आरोपी की हरकतों से इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। परिवार भय के साये में जी रहा है और उन्हें किसी बड़ी अनहोनी की आशंका सता रही है। रामबीर ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो व धमकियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
पुलिस से उम्मीद
एसएसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित परिवार को अब पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद है। उनका कहना है कि समय रहते सख्त कदम उठाए गए तो न सिर्फ उन्हें राहत मिलेगी, बल्कि समाज में कानून का भरोसा भी कायम रहेगा।