फ्री गिफ्ट और वाउचर का मैसेज आते ही न करें क्लिक! एक छोटी सी गलती खाली कर सकती है बैंक खाता, कानपुर पुलिस ने दी चेतावनी

त्योहारों के बीच मुफ्त गिफ्ट वाउचर और आकर्षक इनाम का मैसेज आपके लिए मुसीबत बन सकता है। कानपुर पुलिस ने अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और APK फाइल को लेकर लोगों को सतर्क किया है। आखिर एक छोटी सी गलती से आपकी निजी जानकारी और बैंक खाते को कैसे खतरा हो सकता है?

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 3 November 2026, 4:01 PM IST
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Kanpur: त्योहारों के मौसम में अगर आपके मोबाइल पर मुफ्त गिफ्ट, आकर्षक इनाम या गिफ्ट वाउचर जीतने का मैसेज आता है, तो जरा संभल जाइए। एक क्लिक की जल्दबाजी आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। साइबर ठगी करने वाले लोग ऐसे ऑफर्स का लालच देकर लोगों को फंसाने की कोशिश कर सकते हैं। इसे देखते हुए कानपुर पुलिस ने लोगों से अनजान कॉल, संदिग्ध मैसेज और सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऑफर्स को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।

मुफ्त गिफ्ट का लालच देकर कैसे फंसाते हैं ठग?

एसीपी क्राइम अंजना दहिया ने लोगों को साइबर अपराध के तरीकों के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि अनजान नंबरों से आने वाले फोन कॉल और मैसेज पर आंख बंद करके भरोसा न करें। त्योहारों के दौरान ठग गिफ्ट वाउचर, मुफ्त सामान या आकर्षक इनाम मिलने का दावा कर सकते हैं। इसके बाद वे मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और उस पर क्लिक करने के लिए कहते हैं।

कई मामलों में लोगों को किसी ऐप की APK फाइल डाउनलोड करने के लिए भी कहा जा सकता है। ऐसी फाइल को बिना जांचे डाउनलोड या इंस्टॉल करना खतरनाक हो सकता है। इससे मोबाइल की सुरक्षा को नुकसान पहुंचने और निजी जानकारी गलत हाथों में जाने का खतरा रहता है।

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एक क्लिक से खतरे में पड़ सकती है निजी जानकारी

आज बैंकिंग, UPI और डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऐसे में मोबाइल पर मौजूद जानकारी और बैंक खाते की सुरक्षा बेहद जरूरी हो गई है। साइबर अपराधी लोगों को अपनी बातों में उलझाकर गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी गिफ्ट या ऑफर की सच्चाई जाने बिना उस पर भरोसा न करें। अगर कोई लिंक किसी अनजान नंबर से आया है, तो उसे खोलने से बचें। इसी तरह किसी अनजान स्रोत से आई APK फाइल को इंस्टॉल न करें।

गिफ्ट वाउचर असली है या नकली

अगर किसी कंपनी या वेबसाइट की ओर से गिफ्ट मिलने का दावा किया जा रहा है, तो सबसे पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट पर जानकारी जांचें। किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक के बजाय कंपनी के आधिकारिक माध्यम से ऑफर की पुष्टि करें।

एसीपी क्राइम अंजना दहिया ने यह भी कहा कि किसी के साथ OTP, बैंकिंग पासवर्ड या दूसरी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। कोई व्यक्ति खुद को बैंक कर्मचारी या किसी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर जानकारी मांगता है, तब भी सावधानी बरतना जरूरी है।

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साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता के साथ समय पर कार्रवाई करना भी जरूरी है। अगर आपके साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है, तो बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

जल्दी शिकायत करने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए त्योहारों की खरीदारी और ऑनलाइन ऑफर्स के बीच सतर्क रहें। याद रखें, मुफ्त इनाम का दावा करने वाला हर मैसेज असली नहीं होता।

Location :  Kanpur

Published :  3 November 2026, 4:01 PM IST

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