फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर देशभर में 10 करोड़ की ठगी, रकम कुवैत भेज रहा था साइबर गिरोह

फर्जी ट्रैफिक चालान के SMS भेजकर देशभर में 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले साइबर गिरोह का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। जांच में 544 साइबर शिकायतें और कुवैत के बैंक खाते तक पहुंचे पैसों के सुराग सामने आए हैं।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 1 November 2026, 10:13 AM IST
google-preferred

New Delhi: ट्रैफिक चालान के नाम पर आने वाला एक SMS आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है। देशभर में लोगों को फर्जी चालान के मैसेज भेजकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए कुवैत भेजा जा रहा था। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ देशभर में 544 साइबर शिकायतें मिली हैं और बैंक खातों में 10 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है।

फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर 10 करोड़ से ज्यादा की ठगी

देशभर में लोगों को फर्जी ट्रैफिक चालान के मैसेज भेजकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने संगठित SMS फिशिंग और अंतरराष्ट्रीय मनी म्यूल नेटवर्क से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों के खिलाफ देशभर में 544 साइबर शिकायतें सामने आई हैं। वहीं, इनके बैंक खातों में 10 करोड़ रुपये से अधिक के ठगी से जुड़े लेनदेन का पता चला है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोती सिंह बघेला, हर्षपाल, विक्की, विशाल दास वैष्णव और बृजेश कुमार के रूप में हुई है।

2.21 लाख की ठगी की शिकायत से खुला गिरोह का राज

दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के मुताबिक, पिछले साल 28 नवंबर को जिले के साइबर थाने में 2.21 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पीड़ित ने बताया था कि उसे ट्रैफिक चालान के भुगतान के नाम पर एक लिंक भेजा गया था।

पीड़ित ने जैसे ही लिंक खोला, उसके बैंक खाते से 2.21 लाख रुपये निकल गए। मामले की जांच शुरू हुई तो पता चला कि इसी तरीके से करीब 3,300 फर्जी SMS भेजे गए थे। पुलिस ने इन संदेशों को भेजने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और विंगो कैश एप का पता लगाया।

बैंक खातों के जरिए हो रहा था करोड़ों का लेनदेन

पुलिस ने रिवॉर्ड एप के जरिये यूजर को भुगतान करने वाले बैंक खाते की जांच की। यह खाता मुंबई की श्री बालाजी एंटरप्राइजेज के नाम पर था, जिसे आरोपी मोती सिंह बघेला संचालित कर रहा था।

पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार, इस बैंक खाते से महज तीन दिनों में 41 हजार से अधिक लोगों को छोटे-छोटे भुगतानों के रूप में करीब दो करोड़ रुपये भेजे गए थे। इस लेनदेन की पड़ताल से गिरोह के बैंकिंग नेटवर्क का पता चला।

जांच के दौरान ठगी की रकम के वित्तीय लेनदेन का एक सुराग नेशनल बैंक ऑफ कुवैत में संचालित खाते तक भी पहुंचा। इससे इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच शुरू की गई।

15 मोबाइल, 59 डेबिट कार्ड और 52 पासबुक बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है। इसमें 15 मोबाइल फोन और टैबलेट, 59 डेबिट कार्ड, 52 पासबुक और चेकबुक शामिल हैं।

इसके अलावा 14 फर्मों की मुहरें, पांच पीओएस मशीनें, आठ क्यूआर स्कैनर, एक सोने की चेन और एक कार भी बरामद की गई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी की रकम के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच कर रही है।

Location :  New Delhi

Published :  1 November 2026, 9:44 AM IST

Advertisement