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बिना PUC प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा ईंधन (Source: Pinterest)
New Delhi: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए आज यानी 1 नवंबर से वाहनों के लिए सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। अब वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना पेट्रोल, डीजल, CNG या LPG लेना मुश्किल होगा। ऐसे में अगर आप भी रोजाना अपनी कार या बाइक से सफर करते हैं, तो घर से निकलने से पहले यह जरूरी अपडेट जान लें।
दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने 'No PUC, No Fuel' नियम को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत जिन वाहनों के पास वैध PUC प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह नियम केवल कार चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोपहिया और अन्य मोटर वाहनों पर भी लागू होगा।
इस व्यवस्था का मकसद प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान करना और सड़कों पर ऐसे वाहनों की संख्या कम करना है। इसलिए वाहन चालकों को अपने PUC प्रमाणपत्र की वैधता जरूर जांच लेनी चाहिए।
इस नियम को प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर उनके रिकॉर्ड की जांच की जा सकेगी। अगर वाहन का PUC प्रमाणपत्र वैध नहीं पाया जाता है, तो उसे ईंधन देने से रोका जा सकता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि नियम वैध PUC प्रमाणपत्र रखने से जुड़ा है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर वाहन चालक के लिए नया फिजिकल कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। वाहन चालक अपने प्रमाणपत्र की वैधता और उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड की जानकारी भी जांच सकते हैं।
500 पेट्रोल पंपों पर होगी जांच (Source: Pinterest)
प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली में बाहर से आने वाले वाहनों पर भी सख्ती की गई है। 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली में दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड BS-VI से कम मानक वाली पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के प्रवेश पर रोक रहेगी। हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। कुछ जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी नियमानुसार छूट मिल सकती है।
दिल्ली के विंटर पॉल्यूशन प्लान के तहत पार्किंग शुल्क में भी बदलाव किया गया है। 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक सामान्य पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। हालांकि, मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग को इस व्यवस्था से अलग रखा गया है।
इसके अलावा 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू करने की योजना भी शामिल है। निर्माण कार्यों और धूल से होने वाले प्रदूषण पर भी निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाएगी।
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अगर आप दिल्ली में अपनी कार या बाइक चलाते हैं, तो सबसे पहले अपने वाहन का PUC प्रमाणपत्र चेक कर लें। प्रमाणपत्र की समयसीमा खत्म हो गई है, तो उसे समय रहते रिन्यू करा लें। इसके साथ ही दिल्ली में प्रवेश करने से पहले अपने वाहन का BS-VI मानक और लागू छूट की जानकारी भी जांच लें। नियमों की अनदेखी करने पर आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दिल्ली सरकार का यह कदम सर्दियों में बढ़ने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। अब देखना होगा कि इन सख्त नियमों से राजधानी की हवा की गुणवत्ता में कितना सुधार आता है।
Location : New Delhi
Published : 1 November 2026, 9:26 AM IST