सावधान! PUC नहीं है तो भूल जाएं पेट्रोल डीजल, 1 नवंबर से नियम लागू

दिल्ली में 1 नवंबर से 'No PUC, No Fuel' नीति लागू करने की घोषणा की गई है। वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने पर पेट्रोल-डीजल भरवाने में परेशानी हो सकती है। जानिए Parivahan वेबसाइट और mParivahan ऐप से PUC की वैधता कैसे चेक करें, सर्टिफिकेट कितने समय तक मान्य रहता है और ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं मिलने पर क्या करना चाहिए।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 23 October 2026, 4:25 PM IST
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New Delhi: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण और स्मॉग पर नियंत्रण के लिए 1 नवंबर से 'No PUC, No Fuel' नीति लागू करने की घोषणा की गई है। इसके तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं होने पर पेट्रोल पंपों पर वाहन में पेट्रोल या डीजल भरवाने में परेशानी हो सकती है। वाहन मालिकों को सलाह है कि वे समय रहते अपने सर्टिफिकेट की वैधता जांच लें और एक्सपायर होने पर इसे रिन्यू करा लें। बिना वैध PUC के वाहन चलाने पर ऑनलाइन चालान भी हो सकता है। इसके अलावा, 1 नवंबर से नॉन-BS6 वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लागू किए जाने की बात भी कही गई है।

Parivahan पोर्टल पर ऐसे चेक करें PUC की वैधता

कार या बाइक का प्रदूषण प्रमाणपत्र ऑनलाइन जांचने के लिए भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट parivahan.gov.in खोलें। होम पेज पर 'Online Services' सेक्शन में जाकर 'PUCC' विकल्प चुनें। इसके बाद वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और RC पर दर्ज चेसिस नंबर के आखिरी पांच अंक भरें। स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा दर्ज करके 'PUC Details' पर क्लिक करें। इसके बाद सर्टिफिकेट नंबर, उसकी वैधता की तारीख और प्रदूषण जांच के दौरान दर्ज की गई इमिशन रीडिंग दिखाई दे सकती है। जानकारी भरते समय नंबर ध्यान से दर्ज करें, क्योंकि छोटी-सी गलती के कारण रिकॉर्ड नहीं मिल पाता।

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mParivahan ऐप, वैलिडिटी और जरूरी सावधानियां

वाहन मालिक mParivahan मोबाइल ऐप के जरिए भी अपने PUC की जानकारी देख सकते हैं। एंड्रॉयड या iOS फोन में आधिकारिक ऐप डाउनलोड करके साइन-इन करें। वाहन पहले से सूची में नहीं है, तो उसे जोड़ें। फिर वाहन की प्रोफाइल में जाकर 'PUCC' विकल्प चुनें और उपलब्ध जानकारी देखें।

नई गाड़ी को रजिस्ट्रेशन की तारीख से पहले एक साल तक PUC टेस्ट से छूट होती है। इसके बाद सामान्य तौर पर हर छह महीने में प्रदूषण जांच करानी पड़ सकती है; हालांकि वैधता वाहन और लागू नियमों के अनुसार जांचनी चाहिए। सर्टिफिकेट की एक्सपायरी से एक सप्ताह पहले रिमाइंडर लगाना उपयोगी रहेगा।

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अगर हाल में टेस्ट कराने के बावजूद ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं दिखता, तो कुछ समय बाद दोबारा कोशिश करें और जांच केंद्र से मिला मूल प्रमाणपत्र संभालकर रखें। रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर में 'O' तथा '0' का अंतर भी ध्यान से जांचें। PUC चेक करने के लिए अनजान थर्ड-पार्टी ऐप के बजाय सरकारी पोर्टल या आधिकारिक ऐप इस्तेमाल करें। सर्टिफिकेट एक्सपायर होने से पहले रिन्यू कराना बेहतर है। फोन में इसकी फोटो या स्क्रीनशॉट रखना भी सुविधाजनक हो सकता है। नियम लागू होने से पहले वाहन मालिक आधिकारिक सरकारी सूचनाओं से तारीख और प्रतिबंधों की पुष्टि जरूर करें।

Location :  New Delhi

Published :  23 October 2026, 4:25 PM IST

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