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रेहान वाड्रा प्रदर्शनी (सोर्स- रेहान वाड्रा इंस्टाग्राम)
New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित बीकानेर हाउस में आयोजित होने वाली फोटोग्राफी प्रदर्शनी उस वक्त एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई, जब आयोजकों और प्रशासन पर सेंसरशिप के गंभीर आरोप लगे। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की एकल प्रदर्शनी 'नो आइडिया इज फाइनल' का प्रिव्यू बुधवार को होना था। लेकिन, ऐन वक्त पर प्रशासन के हस्तक्षेप के कारण इस प्रदर्शनी का स्वरूप ही बदल गया। रेहान का आरोप है कि बीकानेर हाउस प्रशासन के दबाव के चलते उनकी करीब 70 से अधिक तस्वीरों को प्रदर्शनी से हटा दिया गया।
रेहान वाड्रा के अनुसार, उन्हें बुधवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे प्रशासन की ओर से स्पष्ट अल्टीमेटम दिया गया। उनसे कहा गया कि यदि शाम पांच बजे तक विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो पूरी प्रदर्शनी को ही रद्द कर दिया जाएगा।
रेहान ने दावा किया कि उन्होंने अपनी प्रदर्शनी का पूरा प्रस्ताव और लेआउट बहुत पहले ही बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ साझा कर दिया था। इसके बावजूद, उद्घाटन से महज कुछ घंटे पहले अचानक यह आपत्ति जताई गई, जो कि एक कलाकार के साथ सरासर नाइंसाफी है।
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शुरुआती योजना के तहत इस प्रदर्शनी में वन्यजीवन, अमूर्त कला और भारत में युवाओं के हालिया आंदोलनों से जुड़ी 100 से अधिक तस्वीरें शामिल थीं। हालांकि, प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद इनमें से 70 से ज्यादा तस्वीरें हटा दी गईं और अब केवल करीब 40 तस्वीरें ही प्रदर्शित हो पा रही हैं।
रेहान ने बताया कि हटाई गई तस्वीरों में किसी भी प्रकार का कोई भड़काऊ या राजनीतिक संदेश नहीं था। वे पिछले छह महीनों के दौरान देश में हुए विभिन्न विरोध-प्रदर्शनों का केवल एक 'दृश्य दस्तावेजीकरण' (विजुअल डॉक्यूमेंटेशन) थीं। एक हैरान करने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि प्रशासन ने एक भारतीय ध्वज की तस्वीर को भी प्रदर्शनी से हटवा दिया।
प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई के पीछे मौजूदा राजनीतिक माहौल का हवाला दिया गया और कहा गया कि इस तरह की तस्वीरों को दिखाने का यह सही समय नहीं है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रेहान ने तर्क दिया कि कला और राजनीति एक-दूसरे से जुड़े हैं, क्योंकि सारी कला किसी न किसी रूप में राजनीतिक होती है।
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बेटे की तस्वीरों को हटाए जाने के मामले में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे हास्यास्पद और युवाओं की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि रेहान की तस्वीरों में न तो किसी के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी थी और न ही कोई दुर्भावना। वे केवल जमीनी हकीकत और विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरें थीं। सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि यही मौजूदा व्यवस्था का तरीका बन गया है और देश में अब लोकतंत्र नहीं बचा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आज यह कार्रवाई एक युवा कलाकार के साथ हुई है, तो कल यह किसी और के साथ भी हो सकती है।
Location : New Delhi
Published : 22 October 2026, 10:28 AM IST