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Symbolic Photo (Image: Pinterest)
ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है। शुक्रवार को यहां AQI 346 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस स्तर के साथ ग्रेटर नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में AQI 312 दर्ज किया गया, जबकि नोएडा का AQI भी 280 के पार रहा।
ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण की स्थिति और गंभीर दिखाई दी। प्रदूषण निगरानी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, नॉलेज पार्क-3 में AQI 337 और नॉलेज पार्क-5 में 376 दर्ज किया गया। तेजी से बढ़ते इन आंकड़ों ने शहर में प्रदूषण नियंत्रण के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जलपुरा रोड पर सफाई के तरीके को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यहां ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से मशीनों के बजाय झाड़ू से सफाई कराए जाने की शिकायत है। सड़क पर मिट्टी जमा होने और पानी का छिड़काव नहीं किए जाने के कारण सफाई के दौरान धूल उड़ती है। आसपास की सोसायटियों में रहने वाले परिवारों को इससे परेशानी हो रही है।
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केवल सफाई कराना काफी नहीं है, बल्कि धूल को हवा में फैलने से रोकने के इंतजाम भी जरूरी हैं। सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन इस समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, प्रदूषण का स्तर बढ़ने के मद्देनजर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से निर्माणाधीन साइटों और सड़कों पर पानी का छिड़काव कराने की बात भी कही गई है।
हालांकि, स्थानीय इलाकों में धूल उड़ने की शिकायतों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि नियमों का पालन जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से हो रहा है।
सेक्टर-150 में निर्माण सामग्री लेकर आने-जाने वाले भारी ट्रकों और डंपरों की आवाजाही ने करीब 20 सोसायटियों के निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का आरोप है कि भारी वाहनों के लिए निर्धारित रूट की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सेक्टर की आंतरिक सड़कों पर ट्रकों का दबाव बढ़ गया है। इससे धूल उड़ने के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं पैदा हो रही हैं।
निवासियों के मुताबिक, पुश्ता रोड पर एटीएस प्रिस्टीन के पास लगा हाइट बैरियर भारी निर्माण वाहनों को अंदरूनी सड़कों की ओर जाने के लिए मजबूर कर रहा है। एडवोकेट अमन निझावन का कहना है कि एक सोसायटी के प्रवेश मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए लगाया गया यह बैरियर आसपास की करीब 20 सोसायटियों के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
इन्हीं समस्याओं के विरोध में निवासी आज सुबह 11 बजे समृद्धि मार्केट के सामने प्रदर्शन करेंगे। उनकी मांग है कि भारी वाहनों की आवाजाही के लिए उचित रूट तय किया जाए, धूल पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अब देखना होगा कि प्रदूषण नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।
Location : Greater Noida
Published : 24 October 2026, 12:18 PM IST