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को-वर्किंग स्पेस के पते पर मिलेगा GST रजिस्ट्रेशन (Source: Pinterest)
New Delhi: नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की जेब, बैंकिंग, निवेश और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम बदलाव लागू हो रहे हैं। इनका असर कारोबारियों, पेंशनभोगियों, मोबाइल उपभोक्ताओं और निवेशकों पर पड़ने वाला है। कहीं जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया आसान होगी, तो कहीं क्रेडिट कार्ड से बिल भरना महंगा पड़ सकता है। इतना ही नहीं, कैंसर मरीजों को भी इस महीने दवाओं की कीमतों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
खास बात यह है कि कुछ नियम 1 नवंबर से लागू हो रहे हैं, जबकि कुछ बदलाव नवंबर के अगले सप्ताहों में प्रभावी होंगे। आइए जानते हैं नवंबर में होने वाले इन 7 बड़े बदलावों के बारे में।
नए नियमों के तहत अब कारोबारी को-वर्किंग स्पेस यानी साझा ऑफिस के पते पर भी जीएसटी पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें को-वर्किंग स्पेस की सदस्यता से जुड़ा दस्तावेज अपलोड करना होगा। इसमें कारोबारी का पता स्पष्ट होना जरूरी है।
इसके अलावा बिजली बिल और हाउस टैक्स जैसे दस्तावेज भी पते के प्रमाण के तौर पर देने होंगे। आधार आधारित सत्यापन पूरा होने पर सामान्य परिस्थितियों में अधिकारी को पते की भौतिक जांच के लिए नहीं जाना होगा। हालांकि, धोखाधड़ी या किसी गंभीर गड़बड़ी का संदेह होने पर जांच की जा सकती है। इससे छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप को राहत मिलने की उम्मीद है।
मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सुविधा अहम बदलाव है। इसके तहत फोन आने पर नंबर के साथ कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम भी स्क्रीन पर दिखाई देगा। यह नाम उसी पहचान के आधार पर दिखेगा, जिससे मोबाइल कनेक्शन लिया गया है।
इस सुविधा का उद्देश्य फर्जी कॉल और अनचाही कॉल की पहचान आसान बनाना है। शुरुआती चरण में यह सुविधा 4G और 5G नेटवर्क वाले फोन पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे अनजान नंबरों से आने वाली कॉल को पहचानने में मदद मिल सकती है।
अब फोन करने वाले का नाम भी दिखेगा
सरकारी पेंशन लेने वाले 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनभोगियों के लिए नवंबर का महीना जरूरी है। उन्हें 1 से 30 नवंबर के बीच अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनभोगियों के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है।
पेंशनभोगी बैंक जाकर प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसके अलावा जीवन प्रमाण पोर्टल के माध्यम से आधार आधारित सत्यापन और फेस ऑथेंटिकेशन की मदद से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र भी जमा किया जा सकता है।
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के क्रेडिट कार्ड धारकों को अब यूटिलिटी बिल भुगतान पर ध्यान देना होगा। नए नियम के मुताबिक, 50 हजार रुपये से अधिक के बिजली, पानी, टेलीफोन और इंटरनेट बिल के भुगतान पर 1 प्रतिशत शुल्क लगेगा।
यह शुल्क प्रति लेनदेन अधिकतम 2,000 रुपये तक होगा। पहले इस तरह के भुगतान पर बैंक की ओर से यह शुल्क नहीं लिया जाता था। ऐसे में अधिक राशि के बिल क्रेडिट कार्ड से चुकाने वालों का खर्च बढ़ सकता है।
म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी बदलाव किया गया है। एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अब Direct Plan डिफॉल्ट विकल्प के रूप में दिखेगा।
इसका फायदा उन निवेशकों को मिल सकता है, जो बिना किसी डिस्ट्रीब्यूटर के सीधे निवेश करना चाहते हैं। वहीं, अगर निवेशक Regular Plan चुनते हैं, तो उन्हें पहले उसके एक्सपेंस रेश्यो और अतिरिक्त लागत की जानकारी दी जाएगी। इससे निवेश करने से पहले दोनों योजनाओं के खर्च की तुलना करना आसान होगा।
सोने में निवेश करने वाले लोगों के लिए भी नवंबर में अहम मौका आने वाला है। Sovereign Gold Bond (SGB) की कुछ सीरीज के निवेशक तय तारीखों पर समय से पहले अपना पैसा निकाल सकेंगे।
नवंबर 2026 में प्रमुख रिडेम्पशन तारीखें इस प्रकार हैं:
2 नवंबर: 2021-22 सीरीज-7
18 नवंबर: 2020-21 सीरीज-8
19 नवंबर: 2020-21 सीरीज-2
25 नवंबर: 2021-22 सीरीज-1
निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि समय से पहले निकासी के लिए संबंधित सीरीज की पात्रता और आवेदन की समयसीमा भी जरूरी है।
नवंबर में सबसे बड़ी राहत कैंसर मरीजों को मिलने वाली है। सरकार ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसररोधी दवाओं के व्यापार मार्जिन को अधिकतम 30 प्रतिशत तय किया है। इसके बाद इन दवाओं की खुदरा कीमतों में मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर 70 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के मुताबिक, दवाओं की नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। इसमें कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई महत्वपूर्ण दवाएं शामिल हैं।
मरीज और उनके परिजन नई कीमतों की जानकारी NPPA की आधिकारिक वेबसाइट और Pharma Sahi Daam मोबाइल एप के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। इस फैसले से कैंसर के महंगे इलाज का खर्च कम करने में मदद मिल सकती है।
नवंबर के इन बदलावों में कारोबारियों को जीएसटी पंजीकरण में आसानी, पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा और कैंसर मरीजों को दवाओं की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर, PNB क्रेडिट कार्ड से अधिक राशि के यूटिलिटी बिल का भुगतान करने वालों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
इसलिए जरूरी है कि आप इन बदलावों की जानकारी रखें और अपने बैंक, पेंशन तथा निवेश से जुड़े जरूरी काम समय पर पूरे करें।
Location : New Delhi
Published : 1 November 2026, 7:53 AM IST