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सरकारी डॉक्टर पर निजी अस्पताल चलाने का आरोप (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Etah: एटा मेडिकल कॉलेज से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश परमार पर सरकारी सेवा में रहते हुए निजी अस्पताल संचालित करने और मरीजों को वहां रेफर करने के आरोप लगे हैं। इस संबंध में एक कथित कबूलनामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को सुनियोजित तरीके से निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। इस पूरे खेल में आर्थिक लाभ को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। स्थानीय लोगों और तीमारदारों ने इस पर नाराजगी जताई है।
डॉ. परमार का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। तीमारदारों और एक पत्रकार के साथ अभद्रता, धमकी और मारपीट के मामलों में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। इसके अलावा ऑपरेशन के नाम पर वसूली के आरोप भी लगते रहे हैं, जिनकी वजह से उन्हें संविदा तैनाती के दौरान दो बार हटाया गया था।
“काटकर फेंक दूंगा…” एटा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की दबंगई का खौफनाक वीडियो वायरल!
पिछले वर्ष नवंबर में भी हड्डी विभाग में अवैध वसूली का एक वीडियो वायरल हुआ था। उस समय भी मामले ने तूल पकड़ा था, लेकिन कार्रवाई के बावजूद डॉ. परमार को फिर से तैनाती मिल गई। अब एक बार फिर वही आरोप सामने आने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
Etah: डॉ. मुकेश परमार का सरकारी मेडिकल कॉलेज में निजी अस्पताल चलाने का कबूलनामा वायरल। मरीजों को निजी अस्पताल भेजने, ऑपरेशन के नाम पर वसूली और अभद्रता के आरोपों के बावजूद उन्हें फिर से तैनाती मिली। पिछले विवाद और कार्रवाई के बावजूद हड्डी विभाग में भ्रष्टाचार जारी।… pic.twitter.com/h7mCOXO0fm
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) April 6, 2026
डॉ. परमार की पुनः तैनाती को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि बार-बार विवादों में रहने के बावजूद उन्हें दोबारा जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई। स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
एटा मेडिकल कॉलेज में बवाल, डॉक्टर पर पत्रकारों से मारपीट का आरोप
आरोप यह भी है कि डॉ. परमार एटा के अलावा फर्रुखाबाद, आगरा समेत अन्य जिलों के निजी अस्पतालों में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन है। सरकारी डॉक्टरों के लिए निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध के बावजूद इस तरह की गतिविधियां गंभीर चिंता का विषय हैं।
Location : Etah
Published : 6 April 2026, 11:35 AM IST
Topics : etah news Hospital Scam Medical Corruption UP News