30 मिनट में क्या हुआ ऐसा? ऐसे रची गई सूर्या को मारने की साजिश, मुठभेड़ तक की पूरी कहानी

हत्या से करीब 30 मिनट पहले तक सब कुछ एक मामूली विवाद जैसा लग रहा था, लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ जिसने पूरी कहानी बदल दी? पहले तीखी बहस हुई, उसके बाद कथित तौर पर साजिश रची गई और महज आधे घंटे बाद बुलाकर ऐसा हमला...पढ़ें पूरी खबर

Updated : 1 June 2026, 4:47 PM IST
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Surya Chauhan Murder Case:  गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 17 वर्षीय सूर्यप्रताप उर्फ सूर्या चौहान की हत्या मामले में पुलिस जांच के दौरान कई हैरान करने वाले खुलासे सामने आए हैं। शुरुआत में यह मामला बाइक चलाने को लेकर हुए मामूली विवाद का लग रहा था, लेकिन पुलिस जांच में दावा किया गया कि महज 30 मिनट के भीतर यह झगड़ा कथित तौर पर सुनियोजित हत्या की साजिश में बदल गया।

इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी असद रविवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

बाइक को लेकर शुरू हुआ विवाद

पुलिस जांच के मुताबिक, पूरा घटनाक्रम 28 मई की दोपहर शुरू हुआ। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी फरहान ने बताया कि करीब तीन बजे सूर्या चौहान और असद के बीच बाइक चलाने को लेकर तीखी बहस हुई थी। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ देर बाद असद वहां से चला गया और शुरुआत में लगा कि मामला खत्म हो चुका है। लेकिन पुलिस के अनुसार, कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

पिता और दोस्तों संग बनी कथित साजिश

जांच अधिकारियों के मुताबिक, विवाद के बाद असद ने पूरी घटना अपने पिता नवाब और दोस्तों को बताई। इसके बाद कथित तौर पर सभी ने मिलकर सूर्या को सबक सिखाने की योजना बनाई।

पुलिस का दावा है कि यहीं से एक सामान्य झगड़ा आपराधिक साजिश में बदल गया। जांच में सामने आया कि असद, उसका पिता नवाब और अन्य साथी सूर्या की तलाश में निकल पड़े और उसे घेरकर हमला करने की तैयारी की गई।

आधे घंटे बाद गली में घेरकर हमला

पुलिस के अनुसार, विवाद के करीब 30 मिनट बाद, सूर्या चौहान को नवनीत विहार,गली नंबर-4 में घेर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फरहान ने कथित तौर पर असद को चाकू उपलब्ध कराया था। वहीं पुलिस का आरोप है कि असद के पिता नवाब ने उसे उकसाते हुए कहा, इसकी कहानी खत्म कर दे।

इसके बाद असद ने कथित तौर पर सूर्या के पेट में चाकू मार दिया। गंभीर रूप से घायल सूर्या सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को लगा कि उसकी मौत हो चुकी है, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए।

अस्पताल में टूटी जिंदगी की डोर

घटना की सूचना मिलते ही खोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल किशोर को अस्पताल ले जाया गया। इंदिरापुरम एसीपी  के अनुसार, 28 मई को करीब साढ़े तीन बजे चाकूबाजी की सूचना मिली थी। घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

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हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने नवाब, फरहान और आतिफ को चौधरी चरण सिंह गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया। वहीं मुख्य आरोपी असद लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।

पुलिस मुठभेड़ में मारा गया मुख्य आरोपी

डीसीपी के मुताबिक, रविवार तड़के पुलिस को सूचना मिली थी कि असद अपने साथियों से मिलने और पैसे लेकर फरार होने की तैयारी में है। सूचना के आधार पर खोड़ा और इंदिरापुरम थाना पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि जब असद अपने एक साथी के साथ बाइक पर पहुंचा, तो उसे रोकने की कोशिश की गई।

आरोप है कि इस दौरान असद ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें असद घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

Location :  New Delhi

Published :  1 June 2026, 4:47 PM IST

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