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प्रतिकात्मक फोटो (Img- Internet)
New Delhi: वैश्विक तनाव और ईरान-अमेरिका युद्ध जैसी स्थिति के बीच अब इसका असर भारत की रसोई तक पहुंचता नजर आ रहा है। गैस सप्लाई को लेकर बड़ा सख्त फैसला सामने आया है, जिसने लाखों उपभोक्ताओं में हड़कंप मचा दिया है। सरकार ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब गैस कनेक्शन के नाम पर किसी तरह की लापरवाही या दोहरी व्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर किसी ने नियम तोड़े तो उसका सीधा असर उसकी रसोई की सप्लाई पर पड़ेगा और कनेक्शन तक कट सकता है।
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मचा दी है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर उठे संकट ने एलपीजी सप्लाई चेन पर भी असर डाला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की कीमतें और सप्लाई दोनों दबाव में हैं, जिसका सीधा असर भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देश पर भी पड़ रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू गैस वितरण व्यवस्था को और सख्त करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
LPG संकट के बीच बड़ा फैसला, लाखों घरों तक पहुंचेगा PNG कनेक्शन; तीन महीने में बदल सकती है व्यवस्था
नई नीति के अनुसार 1 जून 2026 से देशभर में ऐसे सभी उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की जाएगी जिनके पास एक साथ LPG और PNG दोनों कनेक्शन मौजूद हैं। सरकार ने इसके लिए 30 दिन की डेडलाइन तय करने की बात कही है। यानी अगर किसी उपभोक्ता ने तय समय सीमा के भीतर LPG कनेक्शन सरेंडर नहीं किया, तो उसका कनेक्शन रद्द भी किया जा सकता है।
नए नियमों के तहत परिवार की परिभाषा भी स्पष्ट कर दी गई है। पति-पत्नी, उनके अविवाहित या विवाहित बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता अगर एक ही रसोई का इस्तेमाल करते हैं तो उनके लिए केवल एक ही LPG कनेक्शन मान्य रहेगा। अगर किसी परिवार के पास एक से ज्यादा कनेक्शन पाए जाते हैं तो उसकी गैस सप्लाई तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाएगी। हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया है कि सप्लाई तभी बहाल होगी जब उपभोक्ता अपने सभी अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर कर देगा और नियमों का पालन करेगा।
PNG यूजर्स के लिए खुशखबरी, अब गैस कनेक्शन होगा और सस्ता; जानिये पूरा अपडेट
सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए एक राहत व्यवस्था भी रखी है। अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अपना अतिरिक्त LPG कनेक्शन सरेंडर करता है, तो उसे अपने मौजूदा कनेक्शन को डबल बॉटल कनेक्शन यानी DBC में बदलने की सुविधा दी जाएगी। इसका मतलब है कि उपभोक्ता के पास दो सिलेंडर रखने का विकल्प रहेगा, जिससे गैस की कमी जैसी स्थिति में परेशानी नहीं होगी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च तक देश में करीब 6.5 लाख नए PNG कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद LPG की खपत में अपेक्षित गिरावट नहीं आई है। इससे साफ है कि कई उपभोक्ताओं ने PNG कनेक्शन तो ले लिया लेकिन LPG सिलेंडर का उपयोग बंद नहीं किया।
Location : New Delhi
Published : 1 June 2026, 9:34 PM IST
Topics : Energy Crisis Gas Crisis Government Policy LPG PNG