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LPG संकट के बीच सरकार ने PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। लाखों घरों में पाइप गैस पहुंचाने की योजना है। PNG अपनाने के बाद LPG बंद करने का आदेश भी जारी हुआ है, जबकि पेट्रोल-डीजल अफवाहों को खारिज किया गया है।
पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन बढ़ाने पर जोर (Img- Internet)
New Delhi: देश में चल रहे एलपीजी संकट के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन को तेजी से बढ़ाया जाएगा ताकि घरेलू रसोई गैस पर निर्भरता कम की जा सके। इस कदम को ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सरकार ने साथ ही पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों को पूरी तरह गलत बताया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य तरीके से ईंधन का उपयोग करें।
सरकार का मुख्य फोकस अब PNG नेटवर्क के विस्तार पर है। पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक गैस पहुंचाने वाली इस व्यवस्था को LPG का बेहतर विकल्प माना जा रहा है। सरकार ने निर्देश दिया है कि आने वाले 25 दिनों में लाखों नए PNG कनेक्शन जारी किए जाएं।
सरकारी आदेश के अनुसार, जिन क्षेत्रों में PNG की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, वहां उपभोक्ताओं को इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अगर कोई परिवार PNG उपलब्ध होने के बाद भी इसे नहीं अपनाता है, तो तीन महीने बाद उनकी LPG आपूर्ति बंद की जा सकती है।
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यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। सरकार का उद्देश्य एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करना और घरेलू गैस नेटवर्क को मजबूत करना है।
अधिकारियों के अनुसार PNG कनेक्शन में सिलेंडर बुकिंग या डिलीवरी की झंझट नहीं होती। पाइपलाइन के जरिए लगातार गैस उपलब्ध रहती है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा मिलती है।
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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां पाइपलाइन बिछाना संभव नहीं होगा, वहां LPG सप्लाई पहले की तरह जारी रहेगी। इसके लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) की व्यवस्था लागू की जाएगी।