अब अनशन खत्म कर दीजिए… सुप्रीम कोर्ट बार अध्यक्ष की सोनम वांगचुक से अपील, पत्र में इन पर भी साधा निशाना

सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह भी सामने आए हैं। उन्होंने एक पत्र लिखकर अनशन खत्म करने की अपील की है और मौजूदा राजनीति पर भी तीखी टिप्पणी की है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 16 July 2026, 3:14 PM IST
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New Delhi: देश में शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर जारी बहस के बीच सोनम वांगचुक का अनशन लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह भी सामने आए हैं। उन्होंने सोनम वांगचुक को एक भावुक पत्र लिखते हुए उनसे अनशन खत्म करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था और नेताओं की नैतिक जिम्मेदारी पर भी कई बड़े सवाल उठाए हैं।

"देश को आपकी जरूरत है"

विकास सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि वह यह अपील चिंता और जिम्मेदारी की भावना के साथ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक देश के बच्चों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था और NEET जैसे मुद्दों को लेकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि वे अपना उपवास समाप्त करें।

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उन्होंने लिखा कि देश को उनकी जान जोखिम में डालने वाले आंदोलनकारी की नहीं, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक की जरूरत है जो लंबे समय तक समाज के लिए काम करता रहे।

"आपने काम से बदलाव लाया"

पत्र में विकास सिंह ने सोनम वांगचुक के अब तक के काम की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने शिक्षा के क्षेत्र में उन छात्रों के लिए नई उम्मीद पैदा की जिन्हें समाज ने लगभग नजरअंदाज कर दिया था। उन्होंने लिखा कि असली बदलाव धरातल पर काम करने, नई सोच लाने और युवाओं को आगे बढ़ाने से आता है। यही वजह है कि सोनम वांगचुक की पहचान देश और दुनिया में बनी है। इसलिए उन्हें अपने जीवन को किसी ऐसे संघर्ष में नहीं झोंकना चाहिए, जहां सत्ता से नैतिकता की उम्मीद करना मुश्किल हो।

नेताओं की नैतिक जिम्मेदारी पर तीखी टिप्पणी

विकास सिंह ने अपने पत्र में मौजूदा राजनीति पर भी खुलकर टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि वह दौर अब खत्म हो चुका है जब किसी बड़ी चूक या फैसले की जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री अपने पद से इस्तीफा दे दिया करते थे। उनके मुताबिक आज संस्थागत विफलताओं और खराब फैसलों का असर लाखों युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों में न तो शर्म दिखाई देती है और न ही जिम्मेदारी का एहसास। उन्होंने कहा कि आज के दौर में नेताओं से अंतरात्मा की आवाज सुनने की उम्मीद करना बेहद कठिन हो गया है।

"भारत को आपकी जिंदगी चाहिए, बलिदान नहीं"

अपने पत्र में विकास सिंह ने कहा कि भारत को एक टूटे हुए सिस्टम के लिए सोनम वांगचुक की जान की जरूरत नहीं है। देश को उनकी जरूरत इसलिए है ताकि वे जीवित रहकर शिक्षा, नवाचार और समाज सुधार के अपने मिशन को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने लिखा कि सरकारें बदलती रहती हैं, नेता आते-जाते रहते हैं, लेकिन समाज के लिए किया गया सच्चा काम हमेशा लोगों के बीच जीवित रहता है। इसलिए वांगचुक को अपने लंबे सफर के लिए अपनी ऊर्जा बचाकर रखनी चाहिए।

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जंतर-मंतर जाकर करेंगे मुलाकात

विकास सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने मीडिया के जरिए अपनी अपील सार्वजनिक की है और वह खुद भी जंतर-मंतर जाकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से उनसे आग्रह करेंगे कि अब अनशन समाप्त कर दें और अपने मिशन को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाएं।

Location :  New Delhi

Published :  16 July 2026, 3:14 PM IST

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