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पत्नी को देखते ही खिल उठा सोनम वांगचुक का चेहरा (Img: Dynamite News)
New Delhi: पेपर लीक समेत शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन जारी है। सीजेपी के प्रदर्शन को समर्थन देने के लिये मशहूर सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज पांचवा दिन है। वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य को लेकर सीजेपी, उनके समर्थक चिंतित है। इस बीच गुरूवार को मंच पर सोनम वांगचुक को मंद मुस्कान के साथ देखा गया।
दरअसल, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि भी गुरूवार को कॉकरोच जनता पार्टी समेत अपने पति के समर्थन में जंतर मंतर पहुंची। गीतांजलि मंच पर पति सोनम के सिराहने बैठी और उनके हाथ को मलती रही। मंच पर एक तरफ गीतांजलि तो दूसरी तरफ सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और डॉक्टर बैठे नजर आये। दरअसल, डॉक्टर सोनम की तबीयत पर नजर बनाये हुए हैं और समय समय पर बीपी समेत उनके सभी जरूरी चेकअप हो रहे हैं।
इस बीच मंच पर गीतांजलि को देख सोनम वांगचुक बेहद खुश नजर आये। पत्नी का साथ पाकर सोनम और भी आत्मविश्वासी दिख रहे थे। उनके चेहरे पर खुशियां साफ झलक रही थी। दूसरी तरफ बैठे अभिजीत दिपके और डॉक्टर भी मुस्कराते दिखे। इस नजारे को देख जंतर मंतर पहुंचे सभी समर्थकों में उत्साह और उल्लास नजर आ रहा था।
सोनम वांगचुक ने सरकार को दिए गए अल्टीमेटम के बाद रविवार सुबह करीब 11 बजे से अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू किया। उन्होंने कहा कि उनका अनशन केवल NEET परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास है। वांगचुक के इस कदम के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों और समर्थकों का उत्साह बढ़ गया।
आंदोलन से जुड़े संगठन CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रधान गो बैक नाम से देशव्यापी अभियान शुरू किया। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिक संगठनों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
CJP Protest: जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के साथ सोनम वांगचुक का अनशन, छात्रों और किसान का समर्थन
प्रदर्शनकारी छात्रों और आंदोलन से जुड़े संगठनों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं।
NEET पेपर लीक मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय की जाए।
भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।
परीक्षा विवादों से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को उचित सहायता और न्याय दिया जाए।
Location : New Delhi
Published : 2 July 2026, 4:51 PM IST