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प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
Rishikesh: उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित खदरी खड़कमाफ ग्रामसभा में रविवार शाम एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। भारी बारिश के बीच सड़क पर गिरी एलटी लाइन से बह रहे करंट ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं। 32 वर्षीय सुमन अपनी 3 साल की मासूम बेटी सृष्टि को लेकर जा रही थीं कि अचानक सड़क पर भरे पानी में फैले करंट की चपेट में आ गईं।
मौत के मुंह में समाने से ठीक पहले सुमन ने अदम्य साहस और ममता का परिचय देते हुए अपने 12 साल के बेटे को दूर रहने का इशारा किया, जिससे उसकी जान बच सकी। हालांकि, मासूम बेटा अपनी मां और बहन को तड़पते देखता रह गया और उसकी चीखें सुन आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक दोनों दम तोड़ चुकी थीं।
इस भयंकर हादसे के बाद प्रशासनिक और विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है। मृतका के पति हरपाल सिंह की तहरीर के आधार पर पुलिस ने ऊर्जा निगम के तीन बड़े अधिकारियों अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता के खिलाफ नामजद मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षण अभियंता राहुल जैन ने प्रारंभिक जांच में लापरवाही का दोषी पाते हुए अवर अभियंता शंभू प्रसाद बहुगुणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। तकनीकी जांच के लिए इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है।
सोमवार को जब ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता महेश जोशी और अन्य अफसरों की जांच समिति पोस्टमार्टम के लिए एम्स की मोर्चरी पहुंची, तो वहां मौजूद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की और ऊर्जा निगम की खस्ताहाल कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र में बार-बार बिजली के तारों की निगरानी में लापरवाही बरती जा रही है, जिससे पहले भी हादसे हो चुके हैं। मुख्य अभियंता ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एम्स की मोर्चरी के बाहर का दृश्य हर किसी की आंखें नम कर देने वाला था। अपनी पत्नी सुमन और नन्हीं बेटी सृष्टि के शवों को देखकर पति हरपाल सिंह बेसुध होकर बिलखते रहे। परिजनों और ग्रामीणों के लिए भी उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था।
इस दुखद हादसे के बाद ऊर्जा निगम ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और फौरी राहत के रूप में ₹3 लाख की तात्कालिक सहायता तथा बाद में कुल ₹5 लाख का मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, ग्रामीणों की मांग है कि मुआवजे से ज्यादा दोषियों की जवाबदेही तय हो।
Location : Rishikesh
Published : 18 August 2026, 9:12 AM IST