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प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
New Delhi: देशभर में मॉनसून सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसकी रफ्तार एक बार फिर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मॉनसून ट्रफ के कारण पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। समुद्र तल पर मॉनसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना और बक्सर से होकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही है, जहां उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट के पास निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसी सिस्टम का असर अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों में देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत, ओडिशा के कुछ हिस्सों और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश होने का अनुमान है। वहीं पश्चिमी हिमालयी राज्यों, उत्तर पंजाब, गुजरात, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और विदर्भ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार तड़के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, लेकिन इसके बाद मौसम फिर से गर्म और उमस भरा हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार के लिए दिल्ली में येलो अलर्ट जारी किया है। सफदरजंग मौसम केंद्र के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। विभाग का अनुमान है कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रह सकता है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों के मुताबिक, 20 जुलाई के बाद मॉनसून ट्रफ के दक्षिण की ओर खिसकने की संभावना है। ऐसा होने पर उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के कुछ इलाकों में मॉनसून फिर से सक्रिय हो सकता है और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
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बारिश होने के बावजूद राजधानी की वायु गुणवत्ता में कोई बड़ा सुधार नहीं देखा गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम 4 बजे तक दिल्ली का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 159 दर्ज किया गया। यह स्तर 'मध्यम' श्रेणी में आता है। यानी बारिश के बाद भी हवा की गुणवत्ता पूरी तरह संतोषजनक नहीं हो सकी है। फिलहाल लोगों को उमस और गर्मी के साथ-साथ मध्यम स्तर की वायु गुणवत्ता का भी सामना करना पड़ रहा है।
Location : New Delhi
Published : 16 July 2026, 8:33 AM IST