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एटा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर पर पत्रकारों के साथ मारपीट और बंधक बनाने का आरोप लगा है। घटना के बाद पत्रकार धरने पर बैठ गए हैं और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
एटा मेडिकल कॉलेज में बवाल
Etah: एटा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां इलाज के नाम पर भरोसा करने पहुंचे लोगों को डर और दबाव का सामना करना पड़ा। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के अंदर ही ऐसा खेल हुआ, जिसने न सिर्फ सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि कानून व्यवस्था को भी कठघरे में ला दिया।
उत्तर प्रदेश के Etah मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की कथित गुंडई का मामला सामने आया है। आरोप है कि ऑर्थो सर्जन Dr Mukesh Parmar ने अपने साथियों के साथ मिलकर पत्रकारों को कमरे में बंधक बनाकर मारपीट की।
जानकारी के मुताबिक, जूनियर डॉक्टर अंकित के बुलावे पर डॉक्टर मुकेश परमार करीब 8 लोगों के साथ मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पंकज गुप्ता समेत दो अन्य पत्रकारों के साथ कथित तौर पर जमकर मारपीट की गई।
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पीड़ितों का आरोप है कि पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब एक पत्रकार के बेटे के इलाज के दौरान हाथ से रॉड निकालने के लिए पैसे की मांग की गई। जब इस मांग का विरोध किया गया, तो मामला बढ़ गया और फिर मारपीट की घटना सामने आई। इस आरोप ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
एटा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर पर गुंडई का आरोप। ऑर्थो सर्जन डॉ. मुकेश परमार पर साथियों संग पत्रकारों को कमरे में बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पंकज गुप्ता समेत 3 पत्रकारों से मारपीट की बात सामने आई।
आरोप है कि पत्रकार के बेटे के हाथ से रॉड… pic.twitter.com/XAi7QxKDr8— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) April 3, 2026
सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहा है। गंभीर आरोपों के बावजूद सुबह से अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने की बात सामने आई है। इसको लेकर पत्रकारों में भारी नाराजगी है और पुलिस प्रशासन पर दबाव में काम करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
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घटना से गुस्साए पत्रकार कोतवाली नगर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने के दौरान पत्रकारों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की और न्याय की मांग उठाई।