DN Exclusive: सैफई तहसील में सक्रिय ग्राम न्यायालय पर लगा ताला, जानें पूरी हकीकत

ग्रामीणों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से स्थापित ग्राम न्यायालयों की हकीकत सैफई तहसील में कुछ और ही नजर आई। डाइनामाइट टीम की पड़ताल में तहसील परिसर में संचालित ग्राम न्यायालय पूरी तरह बंद मिला।

Updated : 2 June 2026, 5:37 PM IST
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Saifai/Etawah: ग्रामीणों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से स्थापित ग्राम न्यायालयों की हकीकत सैफई तहसील में कुछ और ही नजर आई। डाइनामाइट टीम  की पड़ताल में तहसील परिसर में संचालित ग्राम न्यायालय पूरी तरह बंद मिला। न्यायालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका था, जबकि पीठासीन अधिकारी भी मौके पर नहीं मिले।

न्यायालय में अक्सर ताला

पड़ताल के दौरान तहसील भवन में मौजूद कर्मचारियों से ग्राम न्यायालय के संचालन को लेकर जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकांश कर्मचारी जवाब देने से बचते नजर आए। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम न्यायालय में अक्सर ताला ही लटका रहता है और यहां नियमित रूप से न्यायिक कार्य होते दिखाई नहीं देते।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अधिसूचित 111 ग्राम न्यायालयों में से लगभग 96 वर्तमान में सक्रिय बताए जाते हैं।

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ग्राम न्यायालयों की व्यवस्था

इटावा जनपद में भी दो ग्राम न्यायालय संचालित हैं, जिनमें सैफई तहसील का ग्राम न्यायालय शामिल है। हालांकि, मौके पर मिली स्थिति सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाती है। डाइनामाइट टीम की जांच में सामने आया कि तहसील भवन के बीचों-बीच स्थित ग्राम न्यायालय का कक्ष बंद पड़ा था। ऐसे में सवाल उठता है कि जब ग्रामीणों को छोटे दीवानी और आपराधिक मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए ग्राम न्यायालयों की व्यवस्था की गई है तो उनके निष्क्रिय रहने का खामियाजा आखिर कौन भुगत रहा है।

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ग्रामीणों के लिए त्वरित न्याय

विशेषज्ञों के अनुसार ग्राम न्यायालयों की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर सस्ता, सरल और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना था, ताकि उन्हें जिला मुख्यालयों और लंबी न्यायिक प्रक्रियाओं के चक्कर न लगाने पड़ें। लेकिन यदि ये न्यायालय नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं, तो यह ग्रामीण न्याय व्यवस्था के प्रति गंभीर उपेक्षा को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि संबंधित प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेते हैं या फिर ग्रामीणों के लिए त्वरित न्याय का यह माध्यम केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

Location :  इटावा

Published :  2 June 2026, 5:31 PM IST

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