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डिंपल यादव ने लोकसभा में ईरान-इजरायल तनाव को लेकर सरकार से सवाल पूछे हैं। उन्होंने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों, समुद्री कर्मियों और ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर जानकारी मांगी है। सरकार को इस प्रश्न का जवाब 27 मार्च 2026 तक देना है।
लोकसभा परिसर में डिंपल यादव
Mainpuri: मैनपुरी से समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर लोकसभा में महत्वपूर्ण सवाल उठाया है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि यदि क्षेत्र में संघर्ष की स्थिति और गंभीर होती है तो विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
सांसद ने यह प्रश्न ऐसे समय उठाया है जब Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है। इस तनाव का असर पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र पर पड़ सकता है, जहां लाखों भारतीय नागरिक रोजगार और व्यापार के सिलसिले में रहते हैं।
लोकसभा में दिए गए अपने अतारांकित प्रश्न में सांसद डिंपल यादव ने खास तौर पर उन देशों का उल्लेख किया है जहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। उन्होंने सरकार से पूछा है कि वर्तमान समय में Saudi Arabia, United Arab Emirates, Bahrain, Qatar और Oman जैसे खाड़ी देशों में कितने भारतीय नागरिक निवास कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि इनमें से कितने लोग रोजगार या व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।
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सांसद ने अपने प्रश्न में यह भी उठाया है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर किसी प्रकार का खतरा तो नहीं उत्पन्न हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय कर्मियों और ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों का भी जिक्र किया है। पश्चिम एशिया दुनिया के प्रमुख तेल और गैस उत्पादन क्षेत्रों में से एक है और यहां बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियर, तकनीशियन और श्रमिक कार्यरत हैं।
सांसद डिंपल यादव ने सरकार से यह भी पूछा है कि यदि पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालात और बिगड़ते हैं तो भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए क्या तैयारी की गई है। उन्होंने जानना चाहा है कि क्या सरकार ने किसी प्रकार की आकस्मिक या आपातकालीन योजना तैयार की है, जिसके तहत जरूरत पड़ने पर वहां से भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा सके। इस तरह की स्थिति में बड़े पैमाने पर निकासी अभियान चलाने की आवश्यकता पड़ सकती है, इसलिए पहले से तैयारी करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
अपने प्रश्न में सांसद ने विदेशों में मौजूद भारतीय दूतावासों की भूमिका पर भी जानकारी मांगी है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि खाड़ी देशों में स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ किस प्रकार समन्वय कर रहे हैं। सांसद का कहना है कि यदि किसी आपातकालीन स्थिति का सामना करना पड़े तो भारतीय नागरिकों को समय पर सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होगा। ऐसे में दूतावासों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल होना आवश्यक है।
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पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव को लेकर दुनिया भर के कई देशों ने चिंता जताई है। इस क्षेत्र की राजनीतिक और सैन्य स्थिति का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। भारत के लिए भी यह मुद्दा महत्वपूर्ण है क्योंकि लाखों भारतीय नागरिक वहां रहकर काम करते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। खाड़ी देशों से आने वाला विदेशी मुद्रा प्रवाह भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अहम माना जाता है।
सांसद डिंपल यादव द्वारा पूछे गए इन सवालों का जवाब सरकार को संसद में देना होगा। नियमों के अनुसार सरकार को 27 मार्च 2026 तक इस प्रश्न का उत्तर देना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर क्या जानकारी देती है और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं।