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दिल्ली के जंतर-मंतर पर सपा नेताओं का प्रदर्शन (Source: Google)
New Delhi: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की रिहाई और उनके लिए न्याय की मांग को लेकर आज, 17 मई 2026 को देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने "न्याय हमारा अधिकार है" और "इंसाफ दिलाना हमारा संकल्प है" के नारों के साथ शांतिपूर्ण धरना दिया।
"दिल्ली चलो" के आह्वान के साथ रविवार सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चले इस धरने में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। सपा नेताओं का आरोप है कि आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ हो रही कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर संदेश दिया कि वे अन्याय के खिलाफ इस लड़ाई को और मजबूत करेंगे।
सपा नेताओं का यह गुस्सा और दिल्ली की सड़कों पर उतरा विरोध हाल ही में रामपुर की एमपी-एमएलए (MP-MLA) कोर्ट द्वारा आजम खान के खिलाफ सुनाए गए एक और बड़े फैसले के बाद देखने को मिला है। रामपुर की विशेष अदालत ने आजम खान को 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का दोषी पाया है। अदालत ने इस मामले में आजम खान को 2 साल के कारावास की सजा सुनाई है और साथ ही 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह पूरा मामला 2019 के आम चुनावों के दौरान रामपुर के भोट थाना क्षेत्र का है। चुनाव प्रचार के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए आजम खान ने तत्कालीन डीएम आंजनेय कुमार सिंह (जो वर्तमान में मुरादाबाद के कमिश्नर हैं) पर निशाना साधा था।
आजम खान ने मंच से कहा था:
"सभी लोग डटे रहो। यह कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो। यह तनखैया (सैलरी पाने वाले) हैं और तनखैयों से नहीं डरते। देखे हैं कई मायावती के फोटो, कैसे बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ कर रहे हैं। उन्हीं से गठबंधन है हमारा। अल्लाह ने चाहा तो उन्हीं के जूते साफ कराऊंगा इनसे।"
इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारी बवाल मचा था, जिसके करीब 6 साल बाद अब अदालत ने इस पर अपना अंतिम फैसला सुनाया है।
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शनिवार को जब अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया, तब आजम खान रामपुर जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए थे। वह और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पहले से ही कई अन्य मामलों में सजा काट रहे हैं।
फर्जी पैन कार्ड मामला: कोर्ट ने हाल ही में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को फर्जी पैन कार्ड बनवाने के मामले में सात-सात साल जेल की सजा सुनाई थी।
फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामला: इससे पहले साल 2023 में आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में भी 7 साल की सजा हो चुकी है। इसी सजा के कारण आजम खान की विधानसभा सदस्यता (विधायकी) भी रद्द हो गई थी।
आजम खान समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक और यूपी सरकार में कद्दावर कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वह रामपुर से 2 बार सांसद और रिकॉर्ड 9 बार विधायक चुने जा चुके हैं। सपा कार्यकर्ताओं का मानना है कि उन पर हो रही कानूनी कार्रवाई उनके राजनीतिक कद को कमजोर करने की कोशिश है, जिसके खिलाफ अब दिल्ली के जंतर-मंतर से आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है।
Location : New delhi
Published : 17 May 2026, 1:38 PM IST