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New Delhi: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। राजधानी में अब वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नई नीति के अनुसार, आने वाले वर्षों में दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर यानी ई-ऑटो और ई-रिक्शा को ही अनुमति दी जाएगी। सरकार का मानना है कि शहर में बड़ी संख्या में चलने वाले थ्री-व्हीलर प्रदूषण का एक प्रमुख कारण हैं।
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सरकार की योजना के मुताबिक साल 2027 से दिल्ली में नए CNG, पेट्रोल और डीजल थ्री-व्हीलर वाहनों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर ही पंजीकृत किए जा सकेंगे।
यह नियम पहले दिल्ली में लागू होगा और फिर इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे NCR में फैलाया जाएगा। गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में 2028 से यह नीति लागू होने की संभावना है, जबकि 2029 तक पूरा NCR इस बदलाव के दायरे में आ सकता है। इसके साथ ही पुराने CNG ऑटो को भी धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की योजना पर काम किया जा रहा है।
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता देने की तैयारी में है। प्रस्तावित EV पॉलिसी के तहत ई-ऑटो खरीदने पर 30 हजार से 50 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा सकती है। साथ ही पुराने CNG ऑटो को बदलने पर भी अतिरिक्त मदद का प्रावधान रखा गया है।
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इस कदम से ऑटो चालकों पर अचानक आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और वे आसानी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्ट हो सकेंगे। सरकार का फोकस चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क को तेजी से विकसित करने पर भी है, ताकि ई-वाहनों के संचालन में किसी तरह की परेशानी न हो। दिल्ली सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में राजधानी को प्रदूषण मुक्त और पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी आधारित शहर बनाना है।
Location : New Delhi
Published : 17 May 2026, 6:50 AM IST