UP Education: योगी सरकार का बड़ा तोहफा… अब बिना शव समझ सकेंगे शरीर की संरचना, शुरू होगी 3D तकनीक

योगी सरकार आयुष चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। अब आयुष छात्रों को 3D एनाटोमेज टेबल की सुविधा मिलेगी, जिससे वे बिना वास्तविक शव के मानव शरीर रचना का अध्ययन कर सकेंगे। यह डिजिटल तकनीक चिकित्सा शिक्षा को अधिक वैज्ञानिक और आसान बनाएगी।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 17 May 2026, 5:55 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आयुष चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसके तहत राज्य के आयुष संस्थानों में 3D एनाटोमेज टेबल (डिजिटल शवगृह) उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के छात्रों को मानव शरीर रचना का आधुनिक और वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध कराना है।

चिकित्सा शिक्षा में लंबे समय से शवों की कमी एक बड़ी समस्या रही है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अध्ययन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने यह डिजिटल पहल शुरू की है।

डिजिटल शवगृह से आसान होगा अध्ययन

आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी के अनुसार, 3D एनाटोमेज टेबल एक अत्याधुनिक टच-स्क्रीन आधारित प्रणाली है, जिसमें मानव शरीर के हाई-रिजॉल्यूशन 3D मॉडल मौजूद होते हैं। इसके माध्यम से छात्र शरीर की त्वचा, मांसपेशियों, नसों, रक्त वाहिकाओं और हड्डियों को परत-दर-परत समझ सकते हैं।

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यह सुविधा लखनऊ स्थित राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, राजकीय होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज और राजकीय तकमील-उत्तिब यूनानी कॉलेज में उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छात्रों और चिकित्सकों को बिना शव के भी मानव शरीर की संरचना को गहराई से समझने में मदद मिलेगी।

इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता वर्चुअल डिसेक्शन है, जिसमें छात्र स्क्रीन पर अंगों को घुमा सकते हैं, ज़ूम कर सकते हैं और विभिन्न कोणों से अध्ययन कर सकते हैं। साथ ही एक्स-रे व्यू जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी, जिससे अंदरूनी संरचनाओं को विस्तार से समझा जा सकता है।

चिकित्सा शिक्षा और सर्जरी में भी उपयोगी तकनीक

3D एनाटोमेज टेबल केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चिकित्सा क्षेत्र में भी उपयोगी साबित हो रही है। इसके जरिए सीटी स्कैन और एमआरआई को अपलोड कर 3D मॉडल तैयार किया जा सकता है, जिससे डॉक्टरों को बीमारी का बेहतर विश्लेषण और उपचार योजना बनाने में सहायता मिलती है। जानकारी के अनुसार , यह तकनीक छात्रों की व्यावहारिक समझ को मजबूत करती है और उन्हें अधिक कुशल चिकित्सक बनाने में मदद करती है।

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भारत में वर्तमान में यह सुविधा चुनिंदा संस्थानों में ही उपलब्ध है, जैसे दिल्ली का अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर का राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान और कर्नाटक का एसडीएम आयुर्वेद कॉलेज। उत्तर प्रदेश में इस सुविधा के शुरू होने के बाद राज्य देश का चौथा ऐसा राज्य बन जाएगा जहां आयुष शिक्षा में 3D एनाटोमेज टेबल का उपयोग किया जाएगा।

Location :  Lucknow

Published :  17 May 2026, 5:55 AM IST

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